राजनांदगांव
किस दिशा में जा रहा है मेरा छत्तीसगढ़ ----कला व कलाकार की कोई भाषा व प्रदेश नही होता वह पूरे देश वासियो के लिए , सभी भाषाओं के लिए होता है ---
छत्तीसगढ़ के नँन्ही कलाकार आरु साहू का विरोध एक षड्यंत्र तो नही है।
छत्तीसगढ़ राज्य उत्सव में पुरुस्कार लाइन से अलग तो नही किया गया
छत्तीसगढ़ में साहू साहू समाज को आगे आने की जरूरत है
छत्तीसगढ़ राज्य वह राज्य है जिसने सभी भाषाओं को सम्मान दिया , सभी कलाओ व कलाकारों को सम्मान दिया । छत्तीसगढ़ के कलाकारों को भी पूरे देश में वैसे ही सम्मान मिला
एक बार जो छत्तीसगढ़ आया छत्तीसगढ़ का होकर रह गया।
छत्तीसगढ़ के कलाकारों को देश दुनिया ने जो सम्मान दिया वह सम्मान विरले कलाकारों को मिला। हबीब तनवीर से लेकर तीजन बाई , देवदास बंजारे तक वृहद कलाकारों की श्रृंखला है जिन्होंने देश के अन्य राज्यों , विदेशो में जाकर भी अपनी कला का प्रदर्शन किया और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया।
स्वर कोकिला लता मंगेशकर से लेकर ना जाने कितने बड़े-बड़े गैर छत्तीसगढी कलाकारों ने छत्तीसगढ़ी गीतों को अपना स्वर दिया है। क्या उन लोगों का भी उनके राज्यों में विरोध हुआ है।
छोटी उम्र में ही अपनी कला से पहचान बनाने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी आरू साहू का विरोध मात्र इसलिए किया जा रहा कि उसने दूसरे राज्य का गीत का गायन कर दिया, छत्तीसगढ़िया संस्कृति के संग संग अगर किसी दूसरे प्रदेश का गीत संगीत गाती हैं । वह हमारे समाज एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए गौरवांवित करने की बात है। हमारे प्रदेश के कलाकार कितने उत्कृष्ट है। सभी को कलाकार और उसकी कला का समर्थन और सम्मान करना चाहिए।
आखिर एक नन्ही कलाकार का बायकाॅट करने का क्या अभिप्राय।
कहि ऐसा तो नही छत्तीसगढ़ शासन से राज्य उत्सव के दौरान मिलने वाली पुरुस्कार से इन्हें वंचित किया जाये ऐसा भी हो सकता है
मेरा आप सभी छत्तीसगढ़ वासियो से निवेदन है की इस ननन्हीं सी कलाकार को बढ़ावा दे ऒर इनका समर्थन करेl
-निवेदक-
सोन कुमार सिन्हा
प्रांतीय सचिव
छत्तीसगढ़ सेवा कल्याण परिषद
(गैर सरकारी संग़ठन)
सी एन आई न्यूज राजनांदगांव से रोशन कुमार पटेल


















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