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Tuesday, November 29, 2022

खदान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य महाप्रबंधक (खदान )राजहरा खदान समूह भिलाई इस्पात संयंत्र दल्लीराजहरा ने अति कुशल श्रेणी का वेतन भुगतान करने तीसरी बार ज्ञापन सौंपा।राजहरा प्रबंधन महामाया श्रमिकों का कर रही है शोषण

 खदान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य महाप्रबंधक (खदान )राजहरा खदान समूह भिलाई इस्पात संयंत्र दल्लीराजहरा ने अति कुशल श्रेणी का वेतन भुगतान करने तीसरी बार ज्ञापन सौंपा।राजहरा प्रबंधन महामाया श्रमिकों का कर रही है शोषण




CNI News बालोद ब्यूरो प्रमुख :- प्रदीप सहारे


दल्लीराजहरा :-

खदान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने  मुख्य महाप्रबंधक (खदान )

राजहरा खदान समूह भिलाई इस्पात संयंत्र दल्ली राजहरा से मुलाकात कर उन्हें राजहरा खदान समूह प्रबंधन के अंतर्गत संचालित महामाया खदान में उत्पादन कार्य से सम्बंधित ठेकों में कार्यरत ऑपरेटर्स को अन्य ठेकों में कार्यरत ऑपरेटर्स के समकक्ष अति कुशल श्रेणी का वेतन भुगतान करने तीसरी बार  ज्ञापन सौंपा। खदान मजदूर संघ भिलाई के अध्यक्ष एम पी सिंग ने बताया कि  

               मुख्य महाप्रबंधक खदान को पहला ज्ञापन सौंपकर लगभग 06 माह होने को है मगर आजतक ईस विषय पर किसी प्रकार की कार्यवाही का न होना काफी खेदजनक है।

पूर्व में दिए  ज्ञापनों के माध्यम से संघ ने महामाया खदान में उत्पादन कार्य से जुड़े ठेकों में कार्यरत टिप्पर ऑपरेटर्स को राजहरा खदान समूह के अन्य खदानों के उत्पादन कार्य के ठेकों में कार्यरत टिप्पर ऑपरेटर्स की तरह अति कुशल श्रेणी के कामगार के लिए केंद्र सरकार द्वारा तय किये गए न्यूनतम वेतन देने की मांग की गयी थी। इस मुद्दे पर संघ के प्रतिनिधियों से मुख्य महाप्रबंधक खदान की चर्चा भी हुई थी जिसमें उन्होंने शीघ्र ही राजहरा खदान समूह के अन्य खदानों के ठेकों में टिप्पर ऑपरेटर्स के लिए प्रचलित वेतन ढांचे की जानकारी लेकर संघ के इस वाजिब मांग के निराकरण हेतु आश्वासन दिया था । किन्तु आज लगभग 06 माह की अवधि गुजर जाने के बावजूद प्रबंधन की तरफ से किसी तरह का कोई भी सकारात्मक पहल होते नहीं दिख रही है


 जिससे महामाया में कार्यरत ऑपरेटर्स की नाराजगी बढ़ते जा रही है। और इससे प्रबंधन की भेदभाव की निती स्पष्ट दिखाई दे रही है।या फिर ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए महामाया के श्रमिकों को कम वेतन का भुगतान किया जा रहा है। प्रतिनिधि मंडल में शामिल जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि एक बात यहां स्पष्ट करना जरूरी है कि खदान में जो छोटी गाडियां चलाते हैं उनको कुशल श्रेणी का वेतन भुगतान किया जाता है और जो हैवी या बड़ी गाडियां चलाते हैं जो उत्पादन से जुड़ी है उनको अतिकुशल श्रेणी का वेतन भुगतान किया जाता है फिर भेदभाव सिर्फ महामाया के श्रमिकों के साथ क्यों किया जा रहा है?


 प्रबंधन के इस टाल-मटोल नीति से संघ को भी ऐतराज है और इस ज्ञापन के माध्यम से संघ मुख्य महाप्रबंधक के समक्ष यह स्पष्ट करता है के अगर इस पत्र प्राप्ति के 15 कार्य दिवस के अंदर अगर प्रबंधन द्वारा महामाया के ऑपरेटर्स के इस वाजिब मांग को मानने अथवा पूरा करने हेतु किसी तरह की कोई भी सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो मजबूरन संघ को श्रमिकों के हितार्थ कड़े कदम उठाने पड़ेंगे जिससे होने वाले किसी भी नुकसान के लिए केवल और केवल महामाया खदान प्रबंधक/ महामाया खदान के एजेंट एवं राजहरा खदान समूह प्रबंधन के मुखिया होने के नाते आप ही जिम्मेदार होंगे

 संघ कभी भी किसी तरह के काम बंद अथवा हड़ताल जैसे विकल्पों को अपनाने से पहले प्रबंधन से समुचित पत्र व्यवहार एवं हर स्तर पर चर्चा करने के लिए हमेशा तैयार रहता है किन्तु खदान प्रबंधन की टाल-मटोल नीति के वजह से श्रमिकों को होने वाले नुकसान को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता । वर्तमान प्रकरण में भी संघ द्वारा इस समस्या के निराकरण हेतु प्रबंधन को पत्र एवं चर्चा करते हुए लगभग 06 माह का समय दिया जा चूका है किन्तु प्रबंधन द्वारा किसी तरह की सकारात्मक पहल नहीं की गयी जो कि एक खेद का विषय है और प्रबंधन के शोषण नीति का परिचायक भी है जिसका संघ पुरजोर विरोध करते हुए पुन: आपको स्मरण करवाता है कि अगर संघ द्वारा दिए गए


समयावधि के अंतर्गत प्रबंधन द्वारा समस्या का निराकरण कर दिया जाता है अथवा सही तरीके से किसी भी तरह की कोई सकारात्मक पहल की जाती है तो संघ इसका स्वागत करेगा अन्यथा कड़े कदम उठाने हेतु बाध्य होगा जिसकी पूरी जवाबदारी खदान प्रबंधन की ही होगी। यहां एक बात स्पष्ट करना जरूरी है कि आज राजहरा खदान समूह के सभी उत्पादन कार्य के ठेकों में कार्यरत श्रमिकों को पहले दिन से ही अतिकुशल श्रेणी का वेतन का भुगतान किया जाता है किन्तु सिर्फ महामाया के ग्रामीण श्रमिकों को इसका लाभ नहीं दिया जा रहा है जिससे स्पष्ट है कि यह जानबूझकर किया जा रहा है। जबकि महामाया के श्रमिकों को सबसे ज्यादा दूरी तय करना होता है उसके बाद भी ईनका शोषण करना प्रबंधन की दोहरी नीति को दिखाता है। 


संघ के प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जिला मंत्री मुश्ताक अहमद, खदान मजदूर संघ भिलाई संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष एम पी सिंग, राजहरा शाखा के अध्यक्ष किशोर कुमार मायती, सचिव लखनलाल चौधरी, महामाया से अशोक कुमार , रैन टेकाम,गायत्रो सोरी,सजीवन सिंहा, कुमार मंडावी उपस्थित थे।

धन्यवाद ।


भवदीय।       

एम.पी.           मुश्ताक अहमद

सिंह                 जिला मंत्री 

अध्यक्ष (केंद्रीय)

खदान मजदूर संघ भिलाई

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