चिंतामण गणेश जी भक्तों की हर चिंता दूर करते हैं।
सी एन आई न्यूज़ के लिए पुरुषोत्तम जोशी।
उज्जैन-क्षिप्रा नदी के तट पर यह मंदिर उज्जैन रेलवे स्टेशन से 8 किलोमीटर दूरी पर स्थित है।
यहां भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति स्वयं भू है।
यहां भगवान श्री गणेश को चिंतामण गणेश के रूप में पूजा जाता है। भगवान गणेश जी चिंतामणि के रूप में मानव जाति की समस्याओं से मुक्ति दिलाते हैं।
उज्जैन के मालवा क्षेत्र वासियों की आस्था के अनुसार एक परंपरा है,कि इस क्षेत्र में शादी के लिए लग्न यहां से लिखवाकर शादी संपन्न करते हैं और शादी के बाद यहां भगवान श्री गणेश का दर्शन कर आशिर्वाद लेते हैं और भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हमारी सारी चिंताओं को दूर कर हमें सुखी जीवन प्रदान करें।
गणेश चतुर्थी को यहां श्रृद्धालुओं की बड़ी संख्या में भीड़ लगती है।
इस दिन भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाता है।
इस क्षेत्र में किसी भी धार्मिक कार्य क्रम में और सभी शुभ कार्य वैवाहिक कार्यक्रम का प्रथम निमंत्रण भगवान चिंतामण गणेश जी को दिया जाता है।
चिंताहरण गणेश जी यहां विराजमान हैं , यहां भगवान के दर्शन करने केलिए भक्त दूर -दूर से आते हैं।





















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.