भूमि मद परिवर्तन गरीबों के लिए बनेगा बरदान
आवासीय पट्टों के ना होने से आवासीय लाभ से वंचित हो रहे मजदूर गरीब
प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के लाभ के लिए दर-दर भटक रहे छपारावासी
सी एन आई न्यूज सिवनी से जिला ब्यूरो की रिपोर्ट
छपारा
नगर परिषद छपारा गठन के बाद रहवासियों के विकास और सुविधाओं के लिए उम्मीद की किरण सामने आई है
लेकिन राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली से गरीब तबका शहरी आवास योजना का लाभ नहीं ले पा रहा है क्योंकि बीते 4 वर्षों से छपारा में आवासीय पट्टे बनाए जाने पर रोक लगा दी गई है जिसके परिणाम अवादी मद की भूमि पर निवासरत गरीबों के पट्टे ना बनने के कारण शहरी आवास योजना से लोग वंचित हो रहे हैं
राजस्व विभाग की उदासीनता के चलते नहीं हुए मद परिवर्तन
छपारा रहवासी क्षेत्र की बसाहट कई वर्ष पूर्व की है लोग अपनी अपनी सुविधानुसार शासकीय भूमि पर पुराने कच्चे आवास बनाकर निवास करते चले आ रहे हैं गरीब मजदूर मेहनतकशों को जहां जगह मिली उन्होंने वहां अपना कच्चा टपरा झोपड़ी बनाकर जीवन बसर करने लगे धीरे-धीरे छपारा में सघन बस्ती का निर्माण होते गया पूर्व समय पर जब छपारा बस्ती का निर्माण विकास हो रहा था उस समय शिक्षा का अभाव व राजस्व संबंधी जानकारी ना होने के चलते लोगों को जहां खाली भूमि मिली उन्होंने वहां ही आवास बनाकर निवास प्रारंभ कर दिया उस समय लोगों को घास मद आवादी मद।
पानी नाला मद व रास्ता मद आदि की जानकारी नहीं थी लोग अपनी सुविधा अनुसार निवास करते चले आ रहे थे क्योंकि आज छपारा का संपूर्ण क्षेत्र गली मोहल्ला रहवासी बस्ती में तब्दील हो गया है राजस्व विभाग अमला ने कभी भी रहवासी क्षेत्र भूमियों का निरीक्षण मिलान सीमा क्षेत्र नहीं बनाया जब अन्य मदों की भूमि का क्षेत्र रहवासी बस्ती में तब्दील हो गया लेकिन विभाग ने कभी भी मद परिवर्तन संबंधी कार्यवाही नहीं किया जिसके चलते आज भूमि के मद परिवर्तन संबंधी समस्याओं के चलते लोगों को घास मद जल मद रास्ता मद की भूमि का पट्टा न मिलने से छपारा रहवासी को शहरी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है
4 साल से नहीं बन रहे आवासीय पट्टे
ग्राम पंचायत कार्यकाल में छपारा के रहवासी बस्ती में मद आवादी के आवासीय पट्टे तहसीलदार कार्यालय द्वारा बनाए गए थे लेकिन सैकड़ों लोग पट्टा बनवाने की प्रक्रिया से आज भी वंचित हैं नगर परिषद की घोषणा को गठन के बाद छपारा में आवासीय पट्टों का बनाया जाना बंद हो गया है वर्तमान में तहसील कार्यालय या अनुविभागीय कार्यालय लखनादौन या नगर परिषद कार्यालय तीनों विभागों में आवासीय पट्टे नहीं बनाए जा रहे हैं ना ही आवासीय पट्टे बनाए जाने की प्रक्रिया स्पष्ट है जिसके चलते आबादी मत के रहवासी को भी आवासीय पट्टे नहीं बन पा रहे जिसकी वजह से गरीब मजदूर परिवार विभागों के चक्कर लगा रहे हैं और उन्हें प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है
नगर परिषद की प्रस्तावित प्रक्रिया से हितग्राहीयो को मिल सकता है लाभ।
यदि नगर परिषद छपारा के लोगों को शासन की योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाना चाहे तो परिषद की बैठक कार्यवाही में रहवासी भूमि के मद परिवर्तन कर आवासीय रहवासी भूमि घोषित कराया जा सकता है नगर परिषद बैठक प्रस्ताव के माध्यम से अन्य मद जैसे रास्ता मद जल मद घास मद में निवास करने वाले लोगों को रहवासी पट्टा प्रदान किया जा सकता हैं जिससे गरीब जरूरतमंद तपका को शहरी आवास योजना का लाभ दिलाया जा सके और मद आवादी भूमि व अन्य मदों का रहवासी पट्टा प्रदान करने के लिए बैठक प्रस्ताव पारित कर छपारा नगर के सघन बस्ती रहवासी क्षेत्र भूमियों का सर्वेक्षण करवाकर तहसीलदार कार्यालय एवं अनुविभागीय अधिकारी लखनादौन द्वारा अनुशंसा प्रतिवेदन के माध्यम से जिला कलेक्टर सिवनी को नगर परिषद पत्रचार कर सकती हैं और छपारा नगर के रहवासी सघन बस्तियों का हल्का पटवारी द्वारा सर्वेक्षण सीमा चिन्ह के माध्यम से जिला कलेक्टर से वर्षो से निवास कर रहे हैं रवासियों को भूमि संबंधी पट्टे प्रदान किए जाने संबंधी कार्यवाही की जा सकती है जिसके बाद छपारा के रहवासियों को शासन की आवास योजना का लाभ दिलाया जा सकता है
नगर परिषद छपारा की सजगता से गरीबों के बन सकते हैं आशयाने
नगरी निकाय अधिनियम अंतर्गत नगर परिषद की शक्तियों का सही इस्तेमाल किया जाता है तो छपारा में रहने वाले गरीब मजदूर तबका जिन्हें प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ दिलाया जाना निश्चित है उनके लिए नगर परिषद अधिनियम के अंतर्गत स्थाई या अस्थाई पट्टे जारी करवाकर सभी मदों की भूमि पर आवास का लाभ दिलाया जा सकता है इन सब के लिए नगर परिषद अध्यक्ष उपाध्यक्ष और संपूर्ण प्रतिनिधि की सजगता और गरीब हितेशी मानसिकता के चलते गरीबों को यह लाभ मिल सकता है अन्यथा कई वर्षों से गरीब मजदूर आवासीय लाभ के लिए भटक रहे हैं वह भविष्य में भी भटकते रहेंगे हालांकि पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री शहरी आवास का लाभ दिलाए जाने परिषद द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है लेकिन भूमि संबंधी दस्तावेजों व भूमि संबंधी गड़बड़ी का राजस्व विभाग द्वारा सुधार किया जाना अति आवश्यक होगा





















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