एसपी ने निजी सुरक्षा एजेंसी के संचालकों को दिये सुरक्षा संबंधी कड़े निर्देश
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चांपा - जिले के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल द्वारा पुलिस कार्यालय के सभाकक्ष में जिले के निजी सुरक्षा कंपनी के संचालकों की बैठक आहुत की गई। इस बैठक में एसआईएस दिल्ली , बीआईएस , टाप सिक्युरिटि सर्विस , पारदोस सिक्युरिटी सर्विस , सीएमएस सिक्युरिटी कंपनी , सिद्धिविनायक सिक्युरिटी एजेंसी , मेघा सिक्युरिटी सर्विस , जी 47 स्मार्ट सिक्युरिटी , एक्सपर्ट सिक्युरिटी , टारगेट सिक्युरिटी एवं सिक्वा रिक्यूरिटी के संचालक उपस्थित हुये। बैठक में संचालकों से परिचय उपरांत पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न पहलुओं पर कई अतिआवश्यक निर्देश दिये। एसपी ने सुरक्षा संचालकों से कहा है कि निजी सुरक्षा में काम करने वाले सभी गार्डो का आवश्यक रूप से चरित्र सत्यापन करावें। जिन निजी सुरक्षा कंपनियों द्वारा हथियार बंद गार्ड को रखे है ऐसे कंपनी के संचालकों को हथियार की लायसेंस की कापी आवश्यक रूप से कार्यालय में जमा करावें , जिससे इनके लायसेंस का सत्यापन किया जा सके। दूसरे राज्यों के आपराधिक किस्म के व्यक्ति घटनाकारित कर निजी सुरक्षा कंपनियों में कार्य करते रहते है ऐसे व्यक्ति जो बाहर से आकर सुरक्षा एजेंसियों में कार्यरत हो उनका पूर्ण पता नोट कराकर उनका वेरिफिकेशन कराना सुनिश्चित करें। निजी सुरक्षा कंपनी में काम करने वाले गार्डों का निर्धारित प्रोफार्मा में जानकारी , फोटो , पूर्व के कार्यस्थल संस्था का भी विवरण प्रस्तुत करें। चरित्र सत्यापन हेतु प्रेषित जानकारी में कार्यरत कर्मचारियों के विरूद्ध दर्ज आपराधिक प्रकरण संबंधी जानकारी भी आवश्यक रूप से उल्लेखित करें। ऐसे निजी सुरक्षा एजेंसी जिनके गार्ड कैश हैंडलिंग का कार्य करते है और जो गार्ड अन्य राज्य से आकर कार्य कर रहे है उन गाडों का विशेष रूप से उनके मूल निवास स्थान के आधार पर चरित्र सत्यापन कराने हेतु शीघ्र जानकारी प्रेषित करें। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक द्वारा अपराधिक प्रकरणों में संलिप्त कर्मचारियों को निजी सुरक्षा कंपनी में कार्य में नहीं रखने हेतु समझाईश दी गई। ड्यूटी के दौरान उपयोग किये जाने वाले हथियार दुरुस्त स्थिति में हो हथियार में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर लिखित में सूचना देने हेतु निर्देशित किया गया। ऐसी निजी सुरक्षा कंपनी जिनके द्वारा हथियार का उपयोग किया जाता है उन हथियारों को एक सप्ताह के अंदर रक्षित केन्द्र जांजगीर भेजकर परीक्षण करावें। बिना पसारा लायसेंस के निजी सुरक्षा कंपनी चलाने वालों के संबंध में जानकारी प्राप्त होने पर उनके विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही की जावेगी। संचालकों को सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक रूप से सीसीटीव्ही लगाने साथ ही सीसीटीव्ही लगाते समय सही एंगल का चयन करने एवं सीसीटीव्ही बंद ना हो उस पर ध्यान देने हेतु निर्देशित किया गया। प्रायः देखने में आता है कि एटीएम अंदर रात्रि में ड्यूटी करने वाले गार्ड सोते हुये मिलते है जिसके कारण किसी भी प्रकार घटना होने की संभावना रहती है। ऐसे गार्ड को बीच-बीच में चेककर ड्यूटी के प्रति सजग रहने हेतु निर्देशित किया गया।


















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