कोरिया जिला बैकुंठपुर के खाद्य अधिकारी के द्वारा राशन दुकान को निलंबित करने के मामले में हाईकोर्ट ने खाद्य अधिकारी के आदेश को निरस्त कर दिया है,खाद्य अधिकारी ने महामाया स्व सहायता समूह द्वारा संचालित उचित मूल्य के राशन दुकान को निरस्त कर दिया था,जिसे लेकर स्व सहायता समूह की सचिव ने एडवोकेट अखिलेश कुमार के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।
इस मामले में कोर्ट ने खाद्य अधिकारी के आदेश को प्रथम दृष्टया गलत पाया और स्व सहायता समूह ने संचालित राशन दुकान को बरकरार रखने का आदेश दिया है,महामाया स्व सहायता समूह द्वारा पीडीएस के उचित मूल्य का राशन दुकान साल 2006 से संचालित किया जा रहा है,स्व सहायता समूह के खिलाफ कभी भी कोई शिकायत भी नहीं रही है. खाद्य अधिकारी ने एक छोटी सी गलती की वजह से स्वसहायता समूह द्वारा चलाए जा रहे राशन दुकान को निलंबित कर दिया।
यह है पूरा मामला :- दरअसल मामला कोरिया के बैकुंठपुर का है. बैकुंठपुर में संचालित महामाया स्व सहायता समूह द्वारा शहरी उचित मूल्य की दुकान संचालित की जा रही है,16 नवंबर 2022 को राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत बाबरा राशन दुकान के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे. उन्होंने देखा कि चावल की बोरियां दीवार से सटी हुई रखी थी. इसको देखकर वे भड़क गए और खाद्य अधिकारी को राशन दुकान को निलंबित करने कहा जिसपर बैकुंठपुर के खाद्य अधिकारी ने स्व सहायता समूह को नोटिस जारी किया. उन्हें 24 नवंबर 2022 को नोटिस जारी किया गया था, जिसका जवाब स्व सहायता समूह को देना था. स्व सहायता समूह ने नोटिस का जवाब भी दिया, लेकिन खाद्य अधिकारी ने इसे संतोषजनक नहीं मानते हुए 12 नवंबर 2022 को दुकान निलंबित कर दिया।
कोर्ट ने दिया आदेश :- महामाया स्व सहायता समूह के संचालन को खाद्य अधिकारी को निलंबित करने के बाद स्व सहायता समूह की सचिव फरीदा बेगम ने एडवोकेट अखिलेश कुमार के माध्यम से याचिका लगाई,याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि प्रथम दृष्टया निलंबन का आदेश गलत है,कोर्ट ने मामले में खाद्य अधिकारी के निरस्त कर कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि महामाया स्व सहायता समूह के द्वारा दुकान का संचालन बरकरार रखा जाए,
*CNI न्यूज़ से साहिल अंसारी की रिपोर्ट*
*बैकुंठपुर कोरिया,एम सी बी छत्तीसगढ़*


















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