नौजवान पीढी को कर्तव्य बोध कराने के लिए संपर्क अभियान एक वंदनीय पहल - डाँ. विजय चंदेल शिक्षा विमर्श हेतु पखवाड़े भर से चले जनसंवाद का समापन
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
रतनपुर... 15 दिनो मे 1200 से अधिक परिवारों से संपर्क,विद्या भारती से संबद्ध सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ प्रान्त द्वारा अपने सभी 1111 विद्यालयों मे भारतीय संकृति, के संरक्षण एवं संवर्धन परिवार प्रबोधन स्वदेशी, एवं स्वच्छता का आग्रह, एवं समाज मे नागरिक कर्तव्य का भाव जगाने के उद्देश्य से 01 जनवरी से 15 जनवरी तक शिक्षा विमर्श हेतु जनसंवाद अभियान चलाया गया।विद्यालय के प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव ने बताया की इस अभियान के माध्यम से लोगो से आग्रह किया गया की आज के आधुनिक परिवेश मे परिवार व्यवस्था क्षीण हो रही है जिसके कारण बच्चों को दादा,दादी से मिलने वाले संंस्कारो मे कमी आई है।संपर्क के माध्यम से लोग़ो से आग्रह किया गया की हमारी भारतीय परिवार व्यवस्था को अपनाये। इसी तरह बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना,स्वच्छता और स्वालंबन हमारे नागरिक कर्तव्य है।ऐसे में हम सब इसका पालन करे। पाश्चात्य संस्कृति के बढते प्रभाव के कारण समाज के दीनदुखियों के प्रति हमारी सवेंदनशीलता क्षीण सी हो गई है जिसे जगाने का काम इस संंपर्क अभियान के माध्यम से किया जा रहा है। 15 दिन के संपर्क अभियान मे 1200 परिवारो से प्रत्यक्ष सपंर्क करके शिक्षा,स्वास्थ्य, स्वच्छता कुटुंब प्रबोधन जैसे समाजिक विषयों पर समाज प्रमुखो शिक्षा विदो से सुझाव लिये गये संपर्क अभियान के समापन अवसर पर विद्यालय के व्यवस्थापक डाँ.सुनील जायसवाल,सह व्यवस्थापक सुरेश सोनी कोषाध्यक्ष श्रीमती माधवी कश्यप, ने सपंर्क करके लोगो से आह्वान किया की अपनी संस्कृति और संस्कारों से मजबूती से जुड़े।, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सक डाँ. विजय चंदेल ने संपर्क अभियान की सराहना करते हुए कहा की शिक्षा के क्षेत्र मे शैक्षणिक गतिविधियों मे जुड़े लोगो द्वारा लोगो को समाज को जागरूक करने की दिशा मे सराहनीय पहल है,नौजवान पीढी को कर्तव्य बोध कराने का कार्य वंदनीय है निश्चितरूप से इस संपर्क अभियान का दूरगामी परिणाम निकलेगा। इसी कड़ी मे नगर के सभी राजनैतिक दलो,शैक्षणिक संस्थानों, कार्यालयों, मिडिया के साथियों, समाज प्रमुखो के साथ घर घर दस्तक देकर 1200 लोगो से प्रत्यक्ष रुप संपर्क किया गया। इस 15 दिवसीय संपर्क महा अभियान के समापन अवसर पर श्रीमती तृप्ति बघेल,कीर्ति कहरा,श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव,श्रीमती मणि फांसे ,माधुरी बैसवाड़े,सूर्य कांत यदु श्रीमती सीता पोर्ते, आकंक्षा कहरा,दामिनी श्रीवास,तुषार गुप्ता,राजू परधान,सहित विद्यालय के आचार्य बहन जी एवं समाज के प्रबुद्ध वर्गो का विशेष सहयोग रहा।।


















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