स्वास्थ्य मंत्री को एएसआई ने मारी गोली , उपचार के दौरान मौत
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
भुवनेश्वर - ओडिशा में आज एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक ने राज्य के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री नब किशोर दास की गोली मारकर हत्या कर दी। गोली लगने के बाद किशोर दास को गंभीर अवस्था में भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस संबंध में मिली जानकारी अनुसार स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास कै ड्यूटी में तैनात एक एएसआई ने गोली मार दी। घटना के दौरान मंत्री झाड़सुगड़ा के ब्रजराजनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। कार की अगली सीट पर बैठे दास जैसे ही नीचे उतरे एएसआई ने उनके सीने में ताबड़तोड़ गोली मार दी। खून से लथपथ दास कार के पास ही गिर पड़े। घटनास्थल पर मौजूद उनके समर्थकों ने उन्हें पकड़ा और एंबुलेंस बुलाकर अस्पताल भेजा। कुछ देर बाद उन्हें गंभीर स्थिति में एअरलिफ्ट कर भुवनेश्वर के अपोलो अस्पताल लाया गया। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी दास से मिलने अस्पताल पहुंचे। क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शुरू कर दी है।पुलिस ने फायरिंग करने वाले एएसआई गोपालदास को हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है , लेकिन अभी तक आरोपी ने हमले की वजह नहीं बताई है। इधर, राज्य सरकार ने मामले की जांच सीआईडी-क्राइम ब्रांच को दे दी है। सात सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम में साइबर, बैलिस्टिक और क्राइम ब्रांच के अधिकारी शामिल हैं। टीम का नेतृत्व डीएसपी रमेश सी डोरा कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मंत्री पर फायरिंग करने वाला गोपाल दास मानसिक रूप से बीमार है , जिसका वो सात-आठ साल से इलाज करा रहा है। यह बात गोपाल की पत्नी जयंती ने कही है। जयंती का कहना है कि दवा लेने के बाद ही गोपाल सामान्य व्यवहार करता है। उन्होंने कहा- मुझे घटना की जानकारी न्यूज से ही मिली थी। वो पांच महीने पहले घर आया था। रविवार सुबह मेरी और बेटी की उससे वीडियो कॉल पर बात हुई थी। इसके बाद बात नहीं हुई।ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने स्वास्थ्य मंत्री पर हमले की निंदा करते हुये कहा- हमले की खबर सुनकर स्तब्ध हूं , क्राइम ब्रांच को जांच करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को घटनास्थल पर जाने के लिये कहा गया है। वहीं स्वास्थ्य मंत्री के निधन की खबर मिलने पर कहा- ये मेरे लिये गहरा झटका है। वह पार्टी और सरकार दोनों के लिये महत्वपूर्ण थे। उनका निधन पूरे ओडिशा राज्य की क्षति है।
गौरतलब है कि नब किशोर दास ने ओडिशा की झारसुगुड़ा सीट से 2004 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था , लेकिन हार गये। इसके बाद 2009 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते। वर्ष 2014 में भी कांग्रेस से जीते। साल 2019 का चुनाव वे बीजू जनता दल से लड़कर लगातार तीसरी बार इसी सीट से विधायक चुने गये। नब किशोर दास को क्षेत्र में प्रभावशाली नेता माना जाता था। ये ओडिशा सरकार के सबसे अमीर मंत्रियों में से एक थे। उनके पास संबलपुर , भुवनेश्वर और झारसुगुड़ा के कई बैंकों में 45.12 लाख रुपये से अधिक रकम जमा है। इसके अलावा 15 करोड़ की कीमत के करीब 70 से अधिक वाहन हैं , जिसमें 1.14 करोड़ की एक मर्सिडीज बेंज भी शामिल है।
एक करोड़ का सोना दान कर रहे सुर्खियों में
इसी महीने नब किशोर दास ने अपने परिवार के साथ शनि शिंगणापुर मंदिर में पूजन करके सोना-चांदी दान किया था। उन्होंने महाराष्ट्र के एक मंदिर में एक करोड़ रुपये से अधिक का सोने का कलश दान किया था। दास ने महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर को 1.7 किलोग्राम सोने और पांच किलोग्राम चांदी से बने कलश दान किये थे , जो देश के प्रसिद्ध शनि मंदिरों में से एक है।


















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