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Thursday, February 23, 2023

बांस उत्पादन तकनीक पर प्रशिक्षण संपन्न



मोहन द्विवेदी की रिपोर्ट 

जांजगीर चांपा - डॉ. आर. के. प्रजापति नोडल अधिकारी  बांस मिशन, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर , डॉ. मनीष कुमार , वैज्ञानिक कृषि महाविद्यालय जांजगीर , एम.डी. मानकर , उपसंचालक कृषि एवं श्रीमती रंजना माखीजा , सहायक संचालक उद्यान जांजगीर की गरिमामयी उपस्थिति में पुनर्गठित राष्ट्रीय बांस मिशन अंतर्गत एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. राजीव दीक्षित ने बांस की महत्ता पर प्रकाश डाला व उसे कृषि के साथ आजीविका का साधन बताया। उपसंचालक एम. डी. मानकर  ने कृषि विभाग द्वारा इस योजना के तहत बांस के पौधे कृषकों को निःशुल्क बांटे जाने की बात कही। सहायक संचालक उद्यानिकी रंजना माखीजा ने बांस को शोभायान पौधे के रूप में व सुंदर चीजों को बनाने में बहुउपयोगी होना बताया। कार्यक्रम के तकनीकी सत्र में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वन विभाग से आए डॉ. आर. के प्रजापति ने बांस उत्पादन तकनीक की संपूर्ण जानकारी का प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि बांस का पौधा  रोपाई के तीन वर्ष बाद से आय देना प्रारंभ करता है व चालीस - पचास वर्षों तक आय प्रदान करता है। अभी गर्मी के दिनों में 60*30*30 सेंटीमीटर का गड्ढा कर छोड़ देवें एवं जून-जुलाई में गड्ढा में बांस के पौधे की रोपाई करें। उन्होंने बताया कि टिशू कल्चर या वानस्पतिक प्रवर्धन से तैयार पौधे का चयन करना उचित होता है ताकि शुद्धता बनी रहे। कार्यक्रम को रंजीत मोदी , आशुलता नेताम ने भी संबोधित किया। इस कार्यक्रम में विभिन्न विकास खण्ड से लगभग 70 कृषकों ने भाग लिया , जिसका संचालन प्रक्षेत्र प्रबंधक सी० एस० खरे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में महेश्वरी उपासक , जगदीश पटेल , अमित साहू , मनीष पटेल प्रधान व मोहन का विशेष योगदान रहा।

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