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Thursday, February 23, 2023

जिला प्रशासन की टीम ने बाल विवाह रोककर दिया संरक्षण


जिला प्रशासन की टीम ने बाल विवाह रोककर दिया संरक्षण

कवर्धा, 23 फरवरी 2023। कबीरधाम जिले के थाना कवर्धा अंतर्गत एक गांव में नाबालिग बालिका का विवाह कराए जाने की सूचना मिलने पर जिला प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग जिला बाल संरक्षण इकाई पुलिस विभाग एवं चाईल्ड हेल्प लाईन की टीम ने तत्परता से बाल विवाह होने के पहले ही नाबालिक के घर संयुक्त रूप पहुंचकर बालिका की उम्र संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण किया जिसके अनुसार बालिका की आयु लगभग 17 वर्ष पाई गई, जो कि बाल विवाह प्रतिशेध अधिनियम के अनुसार विवाह योग्य उम्र से कम है।  

जिला प्रशासन की टीम ने नाबालिक बालिका के विवाह योग्य उम्र 18 वर्ष होने के पश्चात ही विवाह करने के लिए बालिका एवं उनके परिजनो को समझाश दिया गया। जिला प्रशासन की टीमने  नाबालिक बालिका व उनके परिवार एवं स्थल पर उपस्थित लोगों को जागरूक करते हुए कम उम्र में विवाह होने से बालिका बालक के भविष्य एवं दाम्पत्य जीवन में आने वाले विभिन्न परेशानियों व समास्याओं के बारे में बताया। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के बारे में विस्तृत जानकारी दिए जिसमें 21 वर्ष कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के विवाह को प्रतिबंधित किया गया है तथा कोई व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, करता है अथवा उसमें सहायता करता है, को 2 वर्ष का कठोर कारावास अथवा जुर्माना हो 1 लाख रूपये तक हो सकता है अथवा दोनो से दण्डित किया जा सकता है। बाल विवाह रोकथाम दल द्वारा नाबालिक के परिवारजनो को काफी देर समझाने के बाद मौके पर पंचनामा तैयार कर बाल विवाह रोकने के लिए हिदायत दिए, लेकिन परिवार जनों ने विवाह रोकने की सहमति नहीं दी जिससे नाबालिक बालिका की संरक्षण के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया समिति द्वारा प्रकरण पर सुनवाई करते हुए बालिका के सुरक्षा एवं संरक्षण के लिये सखी वन स्टॉप सेन्टर भेजने का निर्णय पारित किया गया।

उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिले में बाल विवाह के पुर्ण रोकथाम एवं बच्चों के संरक्षण के लिए कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास विभाग के नेतृत्व में जिला विकासखण्ड एवं ग्राम पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का गठन किया गया है तथा जिले के प्रत्येक परियोजना में बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त है साथ ही बाल संरक्षण की भी इस तरह के आयोजन पर पैनी नजर बनाए हुए है। कार्यवाही के दौरान जिला प्रशासन महिला एवं बाल विकास विभाग जिला बाल संरक्षण इकाई बाल कल्याण समिति पुलिस विभाग चाईल्ड हेल्प लाईन एवं सखी वन स्टॉप सेन्टर के अधिकारी कर्मचारियों का योगदान रहा।

CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट

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