अक्षय तृतीया -2023
भगवान विष्णु के छठे अवतार श्रीपरशुरामजी का जन्म और त्रेता युग की शुरुआत ।
सी एन आइ न्यूज़ -पुरुषोत्तम जोशी ।
22अप्रैल 2023 को अक्षय तृतीया पर्व पूरे देश में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है ।
वैशाख शुक्ल तृतीया तिथि स्वयंसिद्ध मानी गई है जो कभी क्षय नहीं होती ।मान्यता के अनुसार इस दिन से सतयुग का प्रारंभ हुआ था।
राजराजेश्वर भगवान परशुराम जी का अवतरण भी इसी तिथि को हुआ था ।ब्रह्मा जी के पुत्र अक्षय कुमार का आविर्भाव इसी दिन हुआ था ।
इस दिन बिना कोई मुहूर्त कोई भी शुभ एवं मांगलिक कार्य जैसे विवाह, स्वर्ण आभूषण की खरीदी, गृह प्रवेश, नये वाहन,वस्त्र, एवं अन्य कोई शुभ काम किया जा सकता हैं ।
श्रेष्ठ पति कि कामना के लिए कुंवारी कन्याओं को अक्षय तृतीया का व्रत रखना चहिए ।
अक्षय तृतीया के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है।
अक्षय तृतीया के दिन जल दान करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन जल से भरे घड़े दान करें या प्याऊ लगवाएं, ऐसा करने से सभी तिर्ध करने जैसा पुण्य मिलता है ।
इस दिन को विप्रजनों द्वारा अपने इष्ट देव भगवान श्रीपरशुरामजी के जन्मोत्सव को धूमधाम से मनाया जा रहा हैं ।और एक भव्य एवं विशाल शोभा यात्रा परशुराम भवन, गुढ़ियारि रायपुर से मंगलम भवन, समता कालोनी, रायपुर शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुए पहुचेगी ,शोभा यात्रा मे नर्तक दल कि टोली ,आतिशबाजी का विशेष इंतजाम किया गया है।एवं मार्ग में सभी के लिए फलाहार एवं शरबत आदि का विशेष इंतजाम किया गया है ।
शोभा यात्रा में पुष्टिकरसमाज,सनाढ्य समाज, शाकद्विपिय समाज,विप्र फाउंडेशन, श्री गौड़ ब्राह्मण समाज, गढि़यारि,एवं श्री गौड़ ब्राह्मण समाज संस्था के समस्त विप्रजन उपस्थित रहेंगे ।


















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