भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के बैनरतले भाजपाइयों का पिंकापार में जन चौपाल
तेंदूपत्ता संग्रहको एवं हितग्राहियों की समस्याओं को लेकर भाजपाई करेंगे 12 मई को छुरिया में आंदोलन
छुरिया – प्रदेश भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के आव्हान एवं बैनरतले जिला व मंडल के भाजपाई तेंदूपत्ता संग्रहको एवं हितग्राहियों की समस्याओं को लेकर 12 मई को छुरिया में करेंगे आन्दोलन, जिसके लिए भाजपाई युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है, आंदोलन को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता अंचल के ग्रामों में जन चौपाल लगा रहे है, जिसके तहत छुरिया मंडल के ग्राम पिनकापार पहुंच कर भाजपाईयों ने जन चौपाल लगाया,
👉 *जनचौपाल की चर्चा एवं आंदोलन के प्रमुख बिंदु,*
01 – तेन्दूपत्ता खरीदी दिवस 15 दिन का किया जाये वर्तमान में प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा तेन्दूपत्ता की खरीदी मात्र 1 दिन से 3 दिन तक की जाती है, जबकि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में 7 से 10 दिवस खरीदी होती थी,
02 – पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की भांति तेन्दूपत्ता बोनस प्रदान किया जाये तथा पिछले 4 वर्षों का अप्राप्त बोनस भी दिया जाये, वर्तमान में कांग्रेस सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में 4000 रू. प्रति मानक बोरा की दर से तेन्दूपत्ता खरीदी की जा रही है परन्तु तेन्दूपत्ता का कोई बोनस प्रदान नही किया जाता जबकि पूर्ववती भाजपा सरकार में 2500 रू. प्रति मानक बोरा से खरीदी की जाती थी परन्तु तेन्दुपत्ता की क्वालिटी के आधार पर 2000 रू. से लेकर 13000 रू तक प्रति मानक बोरा बोनस प्रदान किया जाता था। कांग्रेस की सरकार तेन्दुपत्ता लाभांश की राशि का दुरूपयोग कर पाटन विधानसभा मे हर्बल प्लांट लगाकर कर रही है, लाभांश की राशि जनजाति परिवारों के खून-पसीने की है और मुख्यमंत्री जी अपने क्षेत्र में इसका उपभोग कर रहें है,
03 – तेन्दूपत्ता संग्राहकों को जीवन बीमा, चरण पादुका और साड़ी तथा संग्राहक परिवार के पढ़ाई करने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं पूर्व की भांति प्रदान किया जाये। (कोरोना काल में कांग्रेस सरकार द्वारा तेन्दूपत्ता संग्राहकों की बीमा राशि जमा ना करने के कारण हजारों संग्राहक परिवार में सदस्य की मृत्यु होने पर उन्हें बीमा राशि नही मिल पाया)
04 – राष्ट्रीय अभ्यारण्य क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता तोड़ाई, महुआ व अन्य वनोपजों की बिनाई प्रतिबंधित होता है। राष्ट्रीय अभ्यारण्य क्षेत्रों में निवासरत जनजाति परिवारों को भाजपा सरकार हर वर्ष प्रति कार्ड 2000 रू. मुआवजा राशि देती थी परन्तु कांग्रेस सरकार मुआवजा राशि नही दे रही है। इन्हे मुआवजा मिलना चाहिये।
05 – 2018 के अपने जन घोषणा पत्र में कांग्रेस ने तेन्दुपत्ता प्रबंधकों को तृतीय वर्ग कर्मचारी के रूप में नियमित करने की घोषणा किया था परन्तु 4.5 वर्षों में कांग्रेस सरकार ने इस ओर ध्यान नही दिया है।
06 – तेन्दूपत्ता के फड मुंशियों को भी कांग्रेस ने अपने जनघोषणा पत्र में 12000 रू वार्षिक मानदेय की घोषणा किया था परन्तु उन्हे भी यह राशि प्रदान नहीं किया जा रहा है।
07 – छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य है जहां आदिवासियों का आरक्षण कम हुआ है। 2012 में भाजपा सरकार ने आदिवासियों को उनके जनसंख्या के अनुपात में 32 प्रतिशत आरक्षण देना सुनिश्चित किया था तथा 2018 तक 32 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया। परन्तु कांग्रेस की सरकार आने के बाद से आदिवासी समाज के साथ कांग्रेस ने षडयंत्र करना प्रारंभ कर दिया। इसी षडयंत्र के कारण हाईकोर्ट में आरक्षण की सुनवाई के समय कांग्रेस की सरकार ने ठीक से अधिवक्ता और तथ्य प्रस्तुत नही किये जिसके कारण आरक्षण अधिनियम 2012 अपास्त घोषित हुआ। हाईकोर्ट में आरक्षण के खिलाफ याचिका लगाने वाले, आदिवासी समाज से उसका आरक्षण 32 प्रतिशत से 20 प्रतिशत करवाने वाले याचिकाकर्ता के. पी. खाण्डे को कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जाति आयोग का अध्यक्ष बनाकर कैबिनेट मंत्री के रूप में पद से नवाज कर
आदिवासी समाज के जख्म में नमक छिड़का है।
08 – जहां हाईकोर्ट ने 58 प्रतिशत आरक्षण वाले अधिनियम को निरस्त किया है वहीं कांग्रेस की सरकार ने 76 प्रतिशत आरक्षण रोस्टर का विधेयक बनाकर विधानसभा से सर्वसम्मति से पास करके राज्यपाल जी के पास भेजा है, जो हस्ताक्षर के लिए लंबित है। तत्कालिक राज्यपाल ने इस आरक्षण विधेयक के वैधानिकता से संबंधित 10 प्रश्न पूछते हुये इस विधेयक का मुख्य आधार क्वांटिफायबल आयोग का डाटा मांगा था परन्तु कांग्रेस की सरकार क्वांटिफायबल आयोग का डाटा न तो विधानसभा के पटल पर रख रही है, और न ही राजभवन भेज रही है। आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस केवल नौटंकी कर रही है।
09 – भाजपा शासनकाल में डॉ. रमन सिंह जी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने 2018 तक लगभग 4 लाख वनाधिकार का पट्टा प्रदान किया था। कांग्रेस की सरकार ने अपने कार्यकाल में कुल 54 हजार वनाधिकार का पट्टा बांटा है। जबकि 2018 में जनसभाओं में कांग्रेस बड़ी-बड़ी घोषणा करती थी परन्तु धरातल में कुछ भी नही है।
केन्द्र की नरेन्द्र मोदी जी की सरकार आदिवासियों के चहुमुखी विकास के लिए लगातार प्रयत्नशील है। पी.एम. वन धन विकास केन्द्र पूरे देश में 3000 की संख्या में स्थापित है। इन केन्द्रों से लगभग 50 हजार स्वयं सहायता समूहों से लाखों जनजातिय लोगों को आर्थिक लाभ मिल रहा है। जनजाति बहुल गांवों को आदर्श ग्राम बनाने की दिशा में आदि आदर्श ग्राम योजना लाकर लगभग 1927 करोड़ रू. खर्च किये जा चुके हैं। आदिवासी बच्चों के लिए 690 एकलव्य आवासीय विद्यालय स्वीकृत कर 401 विद्यालय प्रारंभ किये जा चुके हैं। आदिवासी नवयुवकों को लगभग 5 हजार करोड़ रु. स्टैण्डअप योजना के तहत प्रदान किये जा चुके हैं।
ऐसे 9 बिंदुओ पर भाजपाई जन चौपाल लगाकर संग्रहको एवं हितग्राही ग्रामीणों से चर्चा कर 12 मई को छुरिया में होने वाले आंदोलन में शामिल होने सभी से अपील कर रहे है,
जन चौपाल में प्रदेश अनुसूचित जनजाति मोर्चा उपाध्यक्ष एमडी ठाकुर, जिलाध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा नीलकंठ गढ़े, जिला उपाध्यक्ष भाजपा चंद्रिका प्रसाद डडसेना, जिला पंचायत सदस्य ललिता कंवर, पूर्व मंडल अध्यक्ष आत्माराम चंद्रवंशी, मंडल अध्यक्ष अजय पटेल,
भाजपा नेता राजेश्वर ध्रुव,
जिला महामंत्री आदिवासी मोर्चा मुकुंद चंद्रवंशी,
भाजपा नेता गीता राम यादव, युवा भाजपा नेता अशोक मरकाम, ज्ञानिक राम चौरे, हिरूराम गंगवंशी, रामसिंह, एवम आसपास के सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित थे,


















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