मुंगेली से सुखबली खरे की रिपोर्ट
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत बनी तमाम सड़के वर्षो से अपनी दूर्दशा पर बह रहा आंसु ।
सेतगंगा- जिले के ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री योजना के अंतर्गत बनी तमाम सड़के वर्षो से अपनी दूर्दशा पर आंसु बहा रही है सरकार जहाँ गांव के लोगो को आवागमन की बेहतर सुविधा देने के लिए सड़को की मरम्मत कराकर चकाचक करने की बात कर रही है वही धरातल पर ग्रामीण सड़को का हाल बुरा है। अधिकरत सड़के गड्ढे में तकदिल होकर राहगिरो के लिए मुसिबत का सबब बनी हुई है। ग्रामीणो ने कई बार शासन प्रशासन से सड़क मरम्मत के लिए गोहार लगाई है लेकिन आज पर्यन्त किसी भी जिम्मेदार ने इस सड़क की मरम्मत के लिए जहमत नही उठाई। ग्रामीणो का कहना है कि जिला प्रशासन की उदासीनता का खामियाजा उठाने के लिए विवश एवं मजबूर हो रहे है। जिले के ग्राम पंचायत सिंगारपुर के आश्रित ग्राम पंडोतरा, सारंगपुर में सन् 2016 में मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत 3 कि.मी. सेतगंगा से पंडोतरा, सारंगपुर, कोसमतरा तक पक्की सड़क का निर्माण किया गया था । निर्माण के समय से ही ठेकेदार के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार की गई थी। जिसके चलतें निर्मित सड़क कुछ समय बाद ही खराब स्थिति में पहुच गयी थी । वर्षा होने पर सड़क में पानी और किचड के कारण राहगिरो को आवागमन करने में काफी दिक्कतो को सामना करना पडता है। देखरेख के अभाव में सड़क गड्ढे में तकदिल हो गयी है। सड़क की मरम्मत के लिए अनेको बार जनपद जिला पंचायत सदस्य, विधायक, सांसद से मांग की जा चूकि है । वही सरपंच रामप्रसाद सहित 15–20 ग्रामीणो ने विगत 2 माह पूर्व कलेक्टर जनदर्शन में भी शिकायत कर चूके है इसके बाद भी आज पर्यन्त सड़क की मरम्मत नही हो सकी है सरपंच रामप्रसाद एवं पूर्व सरपंच रायसिंह ने बताया की जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारीयो के द्वारा सड़क निर्माण के लिए केवल कोरा आश्वासन दिया जाता है। विगत 3-4 साल से लोग परेशान एवं हलाकान है। पानी गिरने से 108, महतारी वाहन भी पंडोतरा, कोसमतरा तक नही पहूच पाति । अचानक स्वास्थ्य खराब हो जाने से ग्रामीणजनो से काफी मसक्कत का सामना करना पडता है। खेती किसानी के लिए रासायनिक खाद, पानी गिरने से पहले शहरो से खरीद कर ले जाना मजबुरी होता है। ज्ञात हो कि 26 जून को नवीन शिक्षा सत्र प्रारंभ हो गयी है कक्षा पहली से लेकर कालेज तक बच्चे पढ़ाई के लिए सेतगंगा फास्टरपुर इसी मार्ग से जाते है । सेतगंगा से पंडोतरा, कोसमतरा तब बड़ी बड़ी गड्ढे हो जाने के कारण छात्र / छात्राएं अपने जान को जोखिम में डालकर इस मार्ग पर चलने के लिए विवश है। अध्यापन के लिए जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।


















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