बच्चों के अधिकारों के प्रति दृढ़ संकल्पित है बाल अधिकार संरक्षण आयोग -श्रीमती संगीता गजभिए।
छत्तीसगढ़। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के संयुक्त तत्वावधान में अति दुर्गम एवं पहुंचविहिन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों जिलो मानपुर मोहला अंबागढ़ चौकी, बोडला- कबीरधाम ,तोकपाल-बस्तर, कोंटा -सुकमा व जगदलपुर आदि जिलों में लगातार खंडपीठ शिविरो का आयोजन किया जा रहा है ।उक्त शिविर में बच्चों के अधिकारों के हनन से संबंधित शिकायतों एवं प्रकरणों की सुनवाई की जा रही है ।
अति दुर्गम एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के लोग जिला मुख्यालय या आयोग के राज्य कार्यालय तक अपनी समस्याओं को लेकर नहीं पहुंच पाते जिससे बच्चे अपने अधिकार पाने से वंचित हो जाते है। इस कारण ऐसे क्षेत्रों में लगातार आयोग के द्वारा खंडपीठ शिविरो का आयोजन किया जा रहा है जिसमें राजनांदगांव जिले से श्रीमती संगीता गजभिए, सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के द्वारा अति दुर्गम एवं आदिवासी बाहुल्य जिलो बस्तर, सुकमा ,मानपुर व कवर्धा में लगातार खंडपीठ शिविरों में उपस्थित होकर बच्चों से संबंधित शिकायतों एवं प्रकरणों का त्वरित निराकरण कर रही है । इन शिविरो मे स्वास्थ्य,शिक्षा,महिला बाल विकास,श्रम,पुलिस,राजस्व एव अन्य विभागो के अधिकारीगण भी उपस्थित रहते है। श्रीमती गजभिए ने कहा कि बाल आयोग बच्चों के अधिकारों के प्रति दृढ़ संकल्पित है तथा आयोग बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा कार्य करता रहेंगा एव बाल श्रम ,बाल विवाह ,लैंगिक उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, शिक्षा का अधिकार, किशोर अधिनियम आदि अधिनियमो के अधीन प्रकरणों पर सुनवाई लगातार जारी है।श्रीमती गजभिए ने कहा कि जिन्हें भी बाल अधिकारों के हनन संबंधी सूचना प्राप्त हो वे आयोग के टोल फ्री नंबर 1800 2330055 पर फोन कर सूचना दे सकते है।



















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