पूर्णिमा धूमधाम से मनाया गया मनुष्य जीवन की उन्नति गुरू के बिना असंभव...
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोर्ट
रतनपुर.....सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय रतनपुर में प्रति वर्ष की भांति गुरु पूर्णिमा का पर्व बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। इस पावन अवसर पर गायत्री प्रज्ञा पीठ नवांगाव रतनपुर के यज्ञाचार्य श्री शिवरचरण साहू जी के द्वारा एक कुंडिय गायत्री यज्ञ के माध्यम से गुरूसत्ता के लिए आहूति दि गई विद्यालय के प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव ने महर्षि वेदव्यास के जीवन प्रसंग एवं गुरु पूर्णिमा के महत्व के बारे मे अपने विचार रखते हुए बताया की गुरु पूर्णिमा के दिन ही महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था ,
इसी कारण इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं, हिंदू धर्म में वेदव्यास जी को प्रथम गुरु का दर्जा दिया गया है, कहते हैं सबसे पहले मनुष्य को वेदों की शिक्षा व्यास जी ने ही दी थी।जीवन में गुरु के ज्ञान के बिना मानव जीवन की उन्नति असंभव है, गुरु हमारे प्रेरणा दायक होते हैं,गुरु का स्थान भगवान से भी ऊंचा होता है ,गुरु हमारे पथ प्रदर्शक एवं ब्रह्म ज्ञान तक पहुंचाने वाले होते हैं। हवन के पश्चात विद्यालय के व्यवस्थापक डाँ सुनील जायसवाल एवं सहव्यवस्थापक सुरेश सोनी ने आचार्य परिवार का श्रीफल एवं लेखनी प्रदान कर सम्मान किया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य श्री योगेश गुप्ता, सूर्यकांत यदू ,तुषार गुप्ता, श्रीमती तृप्ति बघेल श्रीमती मणि फांसे,श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव,कु.कीर्ति कहरा,आकांक्षा कहरा,नंंदनी विकास यादव श्रीमती राजेश्वरी कश्यप,उपस्थित रहे।सर्वेभवन्तु सुखीनःके समवेत पाठ से यज्ञ मे पूर्णाहुति समर्पित की गई।



















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