राजनांदगांव से लगा हुआ ग्राम देवादा उप स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर नहीं रहते हमेशा ताला लगा हुआ मिलता है इमरजेंसी सेवा उपलब्ध नहीं हो पाती आनन-फानन में अगर डिलीवरी केस आ जाती है तो नर्स को फोन करके बुलाना पड़ता है नर्स के लिए क्वार्टर उपलब्ध है लेकिन नर्स उप स्वास्थ्य केंद्र में नहीं रहते
हमेशा दिन और रात में हॉस्पिटल पर ताला लगा हुआ मिलता है नहीं तो कोई नर्स एवं एमपीडब्ल्यू मौजूद नहीं रहते मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ता है आखिर ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता के ऊपर विभाग मेहरबान क्यों है राजनांदगांव जिले के अधिकतर हॉस्पिटलों में नर्स एवं एमपीडब्ल्यू हमेशा नदारद रहते हैं
जिसमें हेड क्वार्टर भी बना हुआ है इसमें एमपीडब्ल्यू और एनम दोनों की पोस्टिंग है लेकिन इसमें कोई नहीं रहता हेड क्वार्टर खाली है हमेशा इस स्वास्थ्य केंद्र में ताला बंद रहता है अगर कोई डिलीवरी केस आया तो मितानिन के फोन करने से नर्स वहां पहुंचती है लेकिन वहां एक क्वार्टर बना हुआ है और वह खाली है सर बाकी समय उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला बंद रहते हैं कृपया इसे संज्ञान में लीजिए कि वहां कोई रहे और 24 घंटे सेवा दे ताकि आम जनता को परेशानी ना हो समय पर इलाज हो पाए इसीलिए ग्रामीण क्षेत्र में हॉस्पिटल खोला गया है लेकिन समय तिथि बराबर टाइम पर हॉस्पिटल खुलती नहीं है अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र में मरीजों को बहुत कठिनाइयों का सामना हमेशा करना पड़ता है ।
सी एन आई न्यूज़ डोंगरगांव से संतोष सहारे की रिपोर्ट



















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