पिथौरा_बच्चों को गुड मॉर्निंग, गुड नाइट, के वजह सियाराम, जय राम, राधे राधे,जय श्री कृष्णा, आदि बोलना सिखाए तो शरीर में सकारात्मक ऊर्जा आएगी। साध्वी राधिका किशोरी जी
श्रावण मास के पुण्य अधिक मास में पिथौरा में 9 दिवसीय रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा वाचिका अयोध्या धाम की साध्वी राधिका किशोरी जी है जो अपनी संगीतमय कथा वाचन से भक्ति की गंगा प्रवाहित कर रही हैं।
स्थानीय अग्रसेन भवन में आयोजित कथा के तीसरे दिन उन्होंने शिव पार्वती विवाह और रामजन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि शिव पार्वती का चरित्र सागर की तरह है जिसे वेद और सहस्त्र मुखी शेषनाग भी सम्पूर्ण रूप से गा नहीं सकते। शिव पार्वती के विवाह की कथा सुनने वालों का सर्वदा कल्याण होता है। कलयुग के भौतिक वादी जीवन में भी श्रद्धा और विश्वास मिल जाएं तो व्यक्ति के भीतर की दौड़ खत्म हो जाती है। शरीर को भोजन पुष्ट करता है जबकि आत्मा की पुष्टि के लिए भजन आवश्यक है इसलिए भोजन और भजन सरल भाव से करना चाहिए। विकार रहित और निर्विकार भाव से किया गया भोजन और भजन तन और मन दोनों के लिए पुष्टि वर्धक है। गृहस्थ व्यक्ति को चाहिए कि वह तन को घर गृहस्थी की सेवा में लगाए किंतु मन को सदैव माधव में रमाये रखे। शिव की कृपा से ही नारायण के भक्ति की प्राप्ति हो सकती है।
साध्वी किशोरी जी ने रामजन्म की कथा में बताया कि भगवान के अवतार के अनेकोंनेक कारण बताए गए हैं किंतु तुलसीदास जी ने अपने रामचरित मानस में मुख्यतः 5 कारण बताएं हैं जिनमें जय विजय को श्राप से मुक्ति, वृंदा का श्राप, देवर्षि नारद का भगवान विष्णु को श्राप और मनु शत्रुपा द्वारा नारायण से मांगा गया वरदान प्रमुख है। रामजन्म के अवसर पर आकर्षक झांकी निकाली गई आतिशबाजी की गई तथा किशोरी जी के मंत्र मुग्ध कर देने वाली भजनों में श्रोतागण झूम उठे।
पिथौरा के वेदप्रकाश गोयल एवं भुरकोनी के राधेश्याम अग्रवाल परिवार के द्वारा कराए जा रहे उक्त आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुट रहें हैं। और कथा अमृत का रसपान कर रहे हैं। बरसात को देखते हुए वॉटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है। कथा 2 अगस्त से प्रारंभ होकर 10 अगस्त तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से संध्या 6 बजे चल रही है।



















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