रेत का अवैध खनन,दिन भर स्टाक कर रात मे बेच रहे माफिया
जिला ब्यूरो सुरेंद्र मिश्रा
बिलासपुर /बेलगहना के पास अरपा नदी से हो रही रेत की ढुलाई मानसून आते ही अरपा नदी में रेत का अवैध खनन तेज हो गया है। रेत माफिया बारिश के दौरान ऊंचे दामों पर रेत बेचकर भारी मुनाफा कमाने दिन मे अरपा से रेत उठा डंप करते हैं और रात का फायदा उठा कर डंप रेत की रायल्टी पर्ची थमाकर देते हैं रेत के अवैध कारोबार को अंजाम।मानसून के दस्तक के साथ ही रेत निकाल कर जगह-जगह स्टॉक कर रखें हैं। वहीं बारिश में निर्माण कार्य भी न रुके, इसके लिए रेत का स्टाॅक कर लिया है साथ ही मौका पाकर अभी भी रेत अरपा से निकालकर स्टॉक किया जा रहा है। इसके चलते रेत की मांग अधिक बढ़ गई है। ऐसे में रोजाना सैकड़ों ट्रैक्टर रेत का अवैध खनन किया जा रहा है। इस अवैध कारोबार को प्रशासन नहीं रोक पा रहा।
बेलगहना तहसील क्षेत्र के नदी मे अवैध रेत उत्खनन का मुख्य अड्डा मानसून में रेत उत्खन पर प्रतिबंध के बाद भी तस्कर रतखंडी बेलगहना छतौना कोनचरा खोंगसरा पोड़ी बिल्लीबंद क्षेत्र में सक्रिय हैं। अरपा नदी का सीना चीरकर रेत की तस्करी हो रही है। छतौना, कोनचरा और खोंगसरा रेत घाट से कभी दिन दहाड़े तो कभी आधी रात में रेत उत्खनन व परिवहन का क्रम जारी है। खनिज विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं होने से तस्करों के हौसले बुलंद है l मानसून की शुरुआत के साथ ही रेत घाटों से उत्खनन पर पाबंदी लगा दी जाती है। वर्तमान में यह पाबंदी जारी है जो मानसून समाप्ति तक लागू रहेगी। इसके बावजूद इन क्षेत्र में बदस्तूर रेत की चोरी का सिलसिला चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि छतौना कोनचरा और खोंगसरा रेत घाट अवैध उत्खनन का स्पॉट बना हुआ है। जहां दिन से लेकर रात तक वाहन रेत चोरी के कार्य में लगे रहते हैं। घाट पर बड़ी संख्या में वाहन तो होते ही हैं, बेलगहना व केंदा क्षेत्र की सड़कों पर भी रेत परिवहन का क्रम जारी है। लोगों का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि शनिवार को छतौना कोनचरा व खोंगसरा घाट में लगभग 10 से 12 वाहनों में रेत लोड किया जा रहा था। किसी दिन वाहनों की संख्या ज्यादा होती हैं l यह स्थिति रोज ही देखी जा सकती है। मगर व्यापक अभियान के अभाव में रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर रोक नहीं लग रहा है,
बड़ी मात्रा में रेत डंप
खोंगसरा कोनचरा व छतौना रेत घाट से दिन में रेत तस्कर के द्वारा रेत को वाहन से लोड करके कही दूर में डंप करते हैं उसके बाद रात के समय जेसीबी से हाइवा में लोड कराकर बाहर भेजा जाता हैं प्रतिबंध के बावजूद इन स्थानों में रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन होते देखा जा सकता है विभाग के द्वारा कार्रवाई नही करने के कारण तस्करों के हौसले बुलंद हैं। इसे रोकने के लिए न ही खनिज विभाग के अधिकारी और न ही स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है। कुछ दिन पहले बेलगहना चौकी प्रभारी के कार्यवाही के बाद उत्खनन बंद रहा और अब फिर स्थिति जस की तस हो गई। रेत माफिया अधिक मुनाफा कमाने के लिए रेत का स्टॉक करने में जुट गए हैं।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.