Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Saturday, September 16, 2023

शहर में घर से लेकर चौक चौराहों में स्थापित होंगी गणेश प्रतिमाएं, मूर्तियों तैयार करने में जुटे कलाकार

 जिला सिवनी मध्यप्रदेश

गणेशोत्सव की तैयारियां शुरू


शहर में घर से लेकर चौक चौराहों में स्थापित होंगी गणेश प्रतिमाएं, मूर्तियों तैयार करने में जुटे कलाकार

जन्माष्टमी उत्सव के बाद अब गणेशोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई है।19 सितंबर को गणेश स्थापना के लिए गणेश मूर्तियों का निर्माण शुरू हो गया है।जल प्रदूषण के मद्देनजर प्लास्टर ऑफर पेरिस से बनी मूर्तियों पर रोक के कारण इस साल मिट्टी की मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा है।

सी. एन. आई. न्यूज/ सिवनी जिले के घर में स्थापित करने  लिए के गणेश की छोटी छोटी मूर्तियां बनाई जा रही है, जबकि पंडालों में स्थापित करने के लिए पांच फीट तक ऊंची प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है।

*मिट्टी की छोटी प्रतिमाओं की मांग ज्यादा*

शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी की प्रतिमाओं की मांग अधिक है। इसलिए स्थानीय सहित देश के अन्य शहरों के कलाकार अब सिर्फ मिट्टी की ही गणेश प्रतिमाएं बनाते हैं। छोटी प्रतिमाएं घरों में स्थापित होती है, इसलिए इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। बीते सालों में अन्य शहरों के कलाकार पीओपी की प्रतिमाएं निर्मित कर शहर में बेचते थे। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इन पर रोक लगा दी गई है, इसलिए इनका निर्माण बंद हो गया है। अब सभी कलाकार मिट्टी को प्रतिमाएं निर्मित करते हैं। और लोग उन्हें अपने घरों में स्थापित करते हैं।

भगवान गणेश की स्थापना की तारीख जैसे जैसे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे मूर्तिकारों के पंडाल में तहर तरह की प्रतिमाएं आकार ले रही हैं। मूर्ति निर्माण करने वाले कलाकार दिनेश शर्मा ने बताया कि, पंडालों के इस ही घर पर स्थापित करने के लिए हर्बल गणेश मूर्तियों की डिमांड ज्यादा रहती है। इस बार पर्यावरण व तालाबों के संरक्षण के लिए मूर्तिकार इस बार हर्बल रंगों से गणेश की मूर्तियों को रंग रहें हैं, ताकि तालाबों में हो रहे प्रदूषण को रोका जा सके। उन्होंने बताया कि गणेश अंक पुस्तक के मुताबिक पीली मिट्टी से निर्मित गणेश मूर्ति पूज्यनीय और शुभ है। इसलिए पीली मिट्टी से मूर्ति का निर्माण किया जा रहा है। मूर्ति को रंगने के लिए भी हर्बल कलर का इस्तेमाल कर रहे हैं। वाटर कलर साबूदाना से बनाए जा रहे हैं। साबूदाना के पानी का उपयोग मूर्तियों की साइनिंग के लिए भी किया जा रहा है।

*जिला ब्यूरो छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट*

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad