जिला सिवनी मध्यप्रदेश
मेहरा पिपरिया हत्याकाण्ड के 16 आरोपियों को आजीवन कारावास एवं एक आरोपी को 03 वर्ष का कारावास
सी एन आई न्यूज सिवनी दिनांक 23/01/24
अतिरिक्त विशेष सत्र न्यायाधीश, जिला सिवनी ने आज दिनांक 30.01.2024 को प्रसिद्ध जिला में हुए दोहरे हत्या के प्रकरण में आज दिनांक 30।01।24 को आरोपियों (1) महानंद पटले पिता रामदयाल पटले, उम्र 27 वर्ष, (2) आनंद पटले पिता रामदयाल पटले, उम्र 30 वर्ष, (3) लोकेश टेमरे पिता ज्वालसिंह टेमरे, उम्र 33 वर्ष, (4) रितेश ठाकुर पिता रूपसिंह ठाकुर, उम्र 19 वर्ष, (5) कपिल पिता विसराम रांहगडाले, उम्र 19 वर्ष, (6) गोविंद पिता प्रभूदयाल पटले, उम्र 23 वर्ष, (7) निलेश पिता रामफल भगत, उम्र 20 वर्ष, (8) नंदकिशोर भगत पिता धनीराम, उम्र 23 वर्ष, (9) संजू उर्फ संजय बोपचे पिता मुन्नालाल बोपचे, उम्र 22 वर्ष, (10) शिवशंकर उर्फ मोनू पटले पिता प्रभुदयाल, उम्र 27 वर्ष, (11) दशरथ पिता सुखराम राहंगडाले, उम्र 32 वर्ष, (12) गिरीश पटले पिता जनार्दन, उम्र 20 वर्ष, (13) कृष्ण कुमार पिता जनार्दन पटले, 21 वर्ष, (14) मनीष बोपचे पिता मुन्नालाल बोपचे, उम्र 20 वर्ष, (15) राहुल पटले पिता रिखिराम पटले, उम्र 19 वर्ष, (16) दिनेश पिता रामरस भगत सभी निवासी ग्राम मेहरा पिपरिया, थाना कान्हीवाडा को अशोक पटले एवं ज्ञानी पटले के हत्या के अपराध में आजीवन कारावास की सजा से दण्डित किया हैं तथा सबूत छुपाने तथा आरोपियो को हथियार मुहैय्या करने के जुर्म में आरोपी विनोद पंचेश्वर को 3 वर्ष की सजा। घटना का विवरण दिनांक 20.08.2017 को शाम करीब 5:30 बजे अशोक पटले पिता भोलाप्रसाद, उम्र 44 वर्ष, उसका भाई ज्ञानी उर्फ ज्ञानसिंह पटले, उम्र 38 वर्ष अपने दोस्तो के साथ बस स्टेण्ड, मेहरा पिपरिया में चाय पीते हुए बातचीत कर रहे थें, तभी आरोपी महानंद पटले उनके साथियों को लेकर वहॉ आया और कट्टे से हवा में फायर करते हुए उसने तथा उसके साथियों ने अशोक और उसके भाई ज्ञानी पर तलवार और लोहे की राड से हमला कर दिया तथा जब बीच बचाव हेतु राकेश कटरे और फूलसिंह पटले गये तो उनके साथ भी आरोपियों ने तलवार व राड से मारपीट की, जिससे सभी को गंभीर चोट आयी और ईलाज के दौरान अशोक और ज्ञानी की मृत्यु हो गयी थी। थाना कान्हीवाडा में घटना की रिपोर्ट मृतकगण के पिता भोलाप्रसाद पटले ने दर्ज करायी थी, जिसे अपराध क्रमांक 176/2017, धारा 147, 148, 149, 307, 294 भा.द.वि. एवं धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत् दर्ज की गई थी एवं आहत अशोक और ज्ञानी की मृत्यु हो जाने के कारण धारा 302 भा.द.वि. का ईजाफा किया गया था। शासन की ओर से कोर्ट में सबूत ओर गवाहों को लोक अभियोजक श्री चंद्रशेखर ठाकुर के द्वारा प्रस्तुत किया गया था,कोर्ट ने लोक अभियोजक के तर्कों से सहमत होते हुए 16 आरोपियो को धारा 307 में 10 वर्ष, तथा धारा 302 भादवि मे आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है, तथा एक आरोपी को 25 आर्म्स एक्ट के अपराध में 3 वर्ष की सजा से दंडित किया है।
जिला ब्यूरो छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट


















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