नक्सल पीड़ित परिवार शासन कीयोजनाओ के लिये दर दर भटक रहे हैं..
पुन: दिया कलेक्टर महोदय को आवेदन
नक्सल पीड़ित पीड़ित परिवारों के प्रकरणो की समीक्षा कब होगी आस लगाये बैठे है पीड़ीत परिवार
नक्सल पीड़ित परिवार का कहना हैकि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नक्सल पीड़ित परिवारों को पुनर्वास करने नक्सल नीति बनाई गई है। गृह विभाग के आदेश क्रमांक 4/82/गृह-सी/2001 दिनांक 16/11/2015 के तहत नक्सल पीड़ित परिवारों को आवास मकान देने का प्रावधान है। जिला कलेक्टर कार्यालय में दिनांक 25/01/2021 को जिला स्तरीय पुनर्वास समिति का मीटिंग रखा गया था। मीटिंग में नक्सल पिड़ित परिवारों को 900 वर्गफुट जमीन प्रति परिवार को आबंटन करने निर्णय लिया गया है. जिला कलेक्टर महोदय द्वारा पत्र क्रमांक 732/सा.लि./2021 दिनांक 28/01/2021 के माध्यम से तहसीलदार राजनांदगांव, डोंगरगढ़ एवम मानपुर को आवासीय भूखंड उपयुक्त भूमि कि जानकारी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध करने पत्र प्रेषित किया गया है। आज तक पीड़ित परिवारों को जमीन आवंटन नहीं किया जा गया है। पीड़ित परिवारों द्वारा इस संबंध में जिला कलेक्टर महोदय एवम पुलिस अधीक्षक Using को आवास दिलाने कई बार आवेदन प्रस्तुत किया गया है लेकिन आज तक जिलाकलेक्टर, पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा आवास आबंटन नही किया गया है। पुन: आवेदन देकर निवेदन किया गया कि ,आवास हेतु जमीन व् मकान निर्माण हेतु प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत् राशि दिलाने की कृपा करें। नक्सल पीड़ित का समस्या एवं प्रमुख मागें:- नक्सल पीड़ित परिवारों को 900 वर्गफूट जमीन प्रदाय किया गया। घर बनाने हेतु प्रधानमंत्री योजना के तहत् नक्सल पीड़ित परिवार का नाम जोड़ा गया। लेकिन मांग पूरी नहीं हुई।
वर्तमान में नक्सल पीड़ित परिवार स्वास्थ विभाग मानपुर में कार्यरत है।
जिसको नियुक्ति कलेक्टर दर के हिसाब से किया गया है। जिसको प्रतिमाह मात्र 2000 हजार रूपये दिया जा रहा है। जिसका निराकरण किया जाये। नक्सल पीड़ित परिवार को कलेक्टर दर की हिसाब से नौकरी में रखा जाये।
शासन प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद मांगें व मिलने वाले लाभ सही समय पर न मिलने से पीडित परिवार मे नाराजगी देखी जा रही है।
मोहला से योगेन्द्र सिंगने की रिपोर्ट


















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