स्वास्थ्य विभाग के तहत संचालित चिरायु योजना दूरस्थ अंचल के बच्चों के लिए संजीवनी का काम कर रही है।
बच्चों के गंभीर बीमारी को चिन्हांकित करके उनके लिए इलाज की व्यवस्था करती है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बच्चों के ईलाज के लिए बड़े से बड़े अस्पताल में भेजा जाता हैं और प्रशासन ईलाज का पूरा खर्च वहन करता है। जिला प्रशासन और कलेक्टर महोदय प्रभात मालिक के निर्देश से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पी.कुदेशिया के मार्गदर्शन में चिरायु मे कार्यरत चिकित्स्कों के अथक प्रयासों से बच्चों को चिरायु योजना का लाभ मिला। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम योजना के तहत दूरस्थ ग्राम भत कुंदा की बेटी नेहा यादव के दिल मे छेद का सफल ऑपरेशन बालाजी हॉस्पिटल मे निःशुल्क कराया गया।
चिरायु के चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेंद्र प्रजापति ने बताया कि चिरायु योजना का लाभ देने के लिए बच्चों का चिरायु टीम द्वारा चिन्हांकन किया जाता है और बच्चों का पोर्टल में एंट्री की जाती है। गंभीर बिमारी से ग्रसित बच्चों को रायपुर के बड़े अस्पताल में सफल ऑपरेशन कराया जाता है। बच्चों के पालकों ने बताया कि सफल ऑपरेशन के बाद अब बच्चे स्वस्थ हैं। हंसते खिलखिलाते देखकर खुशी होती और आंखें भर आती है। सभी पालकों ने चिरायु टीम पिथौरा को धन्यवाद दिया।उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत जिले में 11 चिरायु टीम काम कर रही है। प्रत्येक टीम अपने-अपने विकासखण्ड के आंगनबाड़ी और शासकीय स्कूलों का निरीक्षण माह में दो बार करती हैं। गंभीर बीमारी से ग्रसित बच्चों का चिन्हांकन करके उनके इलाज की सुविधा उपलब्ध कराती है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ बी. बी.कोसरिया ने चिरायु टीम के कार्यों प्रशंसा करते हुए बताया की विकासखंड की चिरायु टीम शुरू से ही बहुत अच्छा काम कर रही है और गंभीर रोग से ग्रसित बच्चों का सफल ऑपरेशन करा रही है। इनमें गंभीर ह्रदय रोग से पीड़ित 4 बच्चों का सफल सर्जरी कराया गया है और 6 बच्चों को आगे सर्जरी के लिए चिन्हकित किया गया है कलेफ्ट लिप कटे फटे होंठ की 3 बच्चों की सर्जरी कराई गयी है और 3 बच्चे आगे सर्जरी के लिए चिन्हकित किये गए हैँ। जिले मे एक मात्र निःशुल्क कॉकलियर इम्प्लांट सर्जरी चिरायु योजना से पिथौरा की चिरायु टीम ने कराया है और 3 बच्चों का नाम आगे कॉकलियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रायपुर मे दर्ज है जिनकी आगे सर्जरी किया जाना है,हाइपॉस्पिडिअस 2 और क्लब फुट 2 बच्चों का इलाज जारी है । उन्होंने बताया कि पिथौरा विकासखण्ड के नेहा यादव पिता भुनेश्वर यादव जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित थे। जिसका बालाजी अस्पताल रायपुर में सफल ऑपरेशन कराया है। इसी प्रकार जन्मजात बाधिरता और ना सुन पाने वाले 32 बच्चों को चिरायु टीम द्वारा बेरा जांच और ऑडियोमेट्री जांच कराकर निःशुल्क हियरिंग ऐड डिवाइस दिलाया गया। बच्चों की जांच मेकाहरा भीम राव अम्बेडकर हॉस्पिटल रायपुर व मेडिकल कालेज महासमुंद में कराया गया।
सभी बच्चों की जांच व इलाज जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे, जिला सलाहकार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अनुपम शर्मा के सहयोग से आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ वीरेंद्र प्रजापति, डॉ ब्रजेश नायक,डॉ तनुजा चंद्राकर, फार्मेसिस्ट लेखरंजन पटेल, ए. एन. एम राजकुमारी बंजारे व काजल दीवान के अथक प्रयासों से संभव हुआ. उक्त जानकारी पिथौरा विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक जयकांत विश्वकर्मा ने दी।


















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