कथा के छठवां दिन - गंडई छत्तीसगढ।
शिव कथा कहती है कि जितने से मिलो पवित्र आत्मा है।
शिव शंकर का भक्त है। पवित्र आत्मा से मिलोगे। उसकी पवित्रा मिलती है।
गंडई छत्तीसगढ। छत्तीसगढ में शिव महापुराण की कथा का आयोजन जहां भी हो, कथा सुनेने छत्तीसगढ मुख्यमंत्री की पत्नी कौशिल्या शाय जी पहुंच जाती है। शिव भक्ति कथा में लीन रहती है। कथा का यज मान स्वम मां गंगई की है। मां गंगई माता यजमान है। मां गंगई को जाती है। जिसकी जमीन है अपने भूमि पर बडा स्वाभाग्य है की आप के जमीन पर बैठकर बारिश के कीचड में लाखों शिव भक्त कथा सुन रहे है।
कथा जो हो रहा है। मां गंगई करा रही है। कथा जो कह रहे है मेरे महादेव कह रहे है।
करोडो लोग भी यह कथा को श्रवण कर रहे है। कितने तरह के लोग कथा सुनते है। किस तरह के लोग आते रहते है। प्रदीप मिश्रा ने बताया कि जिस क्षेत्र में कथा सुनाने जाते है। यहां पंडाल में शिव भक्त बैठा है। सभी में शिव शंकर समाया हुआ है।
कथा को परमात्मा बैठकर कथा सुनते है। प्रत्येक आत्मा में परमात्मा समाया हुआ है।शिव कथा कहती है कि जितने से मिलो पवित्र आत्मा है। शिव शंकर का भक्त है। पवित्र आत्मा से मिलोगे। उसकी पवित्रा मिलती है। बच्चा बोलता है। माता पिता को अच्छा लगता है। समय बदलता है तो, मां बाप बच्चे को बोलता है तो बच्चे कोअच्छा नही लगता।
बहुत अच्छे पद में चले जाओं तो आपको लुभाने वाले होगे।
जो उस माता पिता की देन है।
शिव शंकर की देन है।
जीवन में तीन लोगों से दूर रहो। तीन ताली - प्रसंशा करे वाले से दूरी बनाओ, उपर चढा कर नीचे गिरा देंगे। थाली मित्र से दूरी बनाओ- होटल में अच्छे से खिलायेगें बाद में फिर आप उनको अच्छे खिलायेंगे प्याली मित्र से दूरी बनाओं पीने से दूर रहो। शराब दुकान ले जाकर बिकड देंगे।
क्षेत्र में बहुत सारे गांव है। सभी कथा सुने नही आये है। लेकिन उनके मन में भी पूरी तरह शंकर समाया हुआ है। आयेगें कभी जरूर।
आपकी डोर भोले नाथ के शरण में होना चाहिये। गुरू जी मेरे दोस्त के पास लेपटाप है। मेरे पास नही है। किसी के पीठ पर लेपटाप लगा हुआ है। फिर भी आंखो में आंसू है।
जिस दिन अंदर से मजबूत बनो। सभी से निवेदन है किसी के चीज से लालच ना करे। अपने पास है। उसी में संतुष्ट रहे। परमात्मा से निवेदन करे की हम अपने भीतर के मन को मजबूत करे।अपने माता पिता को ऐसा कोई शब्द ना कहो कि मेरे लिये कुछ नही किया। भगवान शिवशंकर से निवेदन करो मेरे नौकरी कही अच्छी जगह लगादे। अपने माता पिता का सेवा कर सकू।
कभी विचार करना की मेरे हाथ पैर भगवान ने अच्छा दिये। मैने क्या पून्य किया की इतने अच्छे परिवार मिले। इतने अच्छे गांव मिले। मैंने क्या पुन्य किया अच्छी जगह नौकरी मिले। अच्छी पत्नी मिली। आपके बुढी मां ने शिव पर एक लोटा जल चढाया होगा।
इस लिये तुम्हे पून्य मिला है।
सी एन आई न्यूज गंडई छत्तीसगढ से संजू महाजन के साथ हितेश मानिकपुरी की रिपोर्ट।





















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