, पत्रकार जूनियर हिंदुस्तानी की खबर ,
कलम से समझौता नहीं।
अपनी बात निडरता से ।
क्राइम रिपोर्टर
फिर शुरू हुआ अवैध खनन
आखिर अवैध खनन बंद होगा कब।
शासन प्रशासन की नींद खुलेगी या नहीं सवाल बना हुआ है।
किस तरह से जंगल की जमीन को बर्बाद किया जा रहा है।
मानेगांव सरपंच खनिज विभाग के अधिकारी या राजनीतिक संरक्षण आखिर कौन रोकेगा अवैध खनन को यहां सवाल बना हुआ
सबूत सामने है फिर भी आंख मूंदे बैठा है शासन प्रशासन
हीरापुर माने गांव के ग्रामीण परेशान
मानेगांव सरपंच की भूमिका सवालों के घेरे में
फ्लर्टिंग में सरेआम चोरी करके मुरूम डाली जा रही है
हमने अपने चैनल के माध्यम से आप तक माने गांव जिला बालाघाट मैं चल रहा है अवैध खनन के बारे में जानकारी दी थी खबर लगने के बाद खनन पूरी तरह से बंद हो चुका था हमने समाचार के माध्यम से बताया भी था खनन शासन प्रशासन ने रोका है या हमारी खबर का असर हुआ हमें पता नहीं आखिर अवैध खनन बंद होगा कब शासन प्रशासन की नींद खुलेगी या नहीं सवाल बना हुआ है
किस तरह से जंगल की जमीन को बर्बाद किया जा रहा है
आप वीडियो में देख रहे हैं किस तरह से तीन मशीन जेसीबी दर्जनों ट्रैक्टर खुलेआम अवैध खनन कर रहे हैं माने गांव के ग्रामीण परेशान हो रहे हैं यह वीडियो हमें ग्रामीणों ने उपलब्ध करवाया है जरा सोचिए माने गांव के ग्रामीण कितने परेशान होंगे परंतु जनता की परेशानी शासन प्रशासन को नहीं दिख रही है अवैध ट्रैक्टर की वजह से गांव की सड़क खराब हो रही है आखिर किनके संरक्षण में खुलेआम चोरी का खेल किया जा रहा है मानेगांव सरपंच खनिज विभाग के अधिकारी या राजनीतिक संरक्षण आखिर कौन रोकेगा अवैध खनन को यहां सवाल बना हुआ है
जिन ग्रामीणों ने वीडियो उपलब्ध करवाया कई वर्षों से बंद करने का प्रयास
माने गांव के ग्रामीण अवैध खनन से हो चुके हैं परेशान ग्रामीणों ने करीब 100 लोगों के हस्ताक्षर करवा करके कलेक्टर कार्यालय में सोफा था ज्ञापन परंतु इन माफियाओं के द्वारा आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर फर्जी तरीके से फसाने का प्रयास किया गया ग्रामीण ने बताया कि किस तरह से परेशान किया गया परंतु उन्होंने हार नहीं मानी और आगे अवैध खनन रोकने के लिए फिर से शासन प्रशासन को करेगे आवेदन यहां जानकारी ग्रामीणों ने दी जिस तरह से ग्रामीण को फसाने के लिए माफिया के द्वारा प्रयास किया गया था इस तरह पत्रकार जूनियर हिंदुस्तानी को भी झूठे प्रकरण में फसाने का प्रयास खनन माफिया उमेश लोधी के द्वारा मारपीट करने का एवं मोबाइल खराब कर दिया जिसके शिकायत करने पर भी आज तक निष्पक्ष जांच नहीं नहीं हुई आखिर ऐसा क्यों सवाल बना हुआ है
सबूत सामने है फिर भी आंख मूंदे बैठा है शासन प्रशासन
कई बार हमने अपने समाचार के माध्यम से अवैध रूप से चल रहा है ट्रैक्टरों की फोटो प्रकाशित की वीडियो दिखाए और यहां ताजा वीडियो दो दिन पहले का है गाड़ी नंबर या गाड़ी दिख रही ड्राइवर को पड़कर पूछताछ की जाए तो पता चल जाएगा किन माफियाओं की गाड़ियां और जेसीबी अवैध खनन में चल रही है माननीय कलेक्टर महोदय के आदेश देने के बावजूद खनन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा सर धर्म नारी शक्ति महासंघ के द्वारा एसपी कार्यालय में अवैध रूप से चल रहे ट्रैक्टर बिना लाइसेंस के ट्रैक्टर बिना रॉयल्टी के ट्रैक्टर को पकड़ने के लिए आवेदन किया गया परंतु भरवेली थाने के सामने से खुले आम ऐसे ट्रैक्टर दिन के उजालों में रात के अंधेरे में आसानी से दौड़ते हुए मिल जायेगे परंतु किसी प्रकार से भी इनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही आखिर ऐसा क्यों सवाल बना हुआ है
हीरापुर माने गांव के ग्रामीण परेशान
अवैध रूप से चल रहे हैं ट्रैक्टरों से हीरापुर और माने गांव के ग्राम वासी परेशान हो चुके थे हीरापुर सरपंच को ग्रामीणों ने अपनी परेशानी बताई हीरापुर की सरपंच ने ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते तत्काल कार्रवाई करते हुए अपनी सीमा रेखा से बहार से ले जाने के लिए अपने अपने पति को ग्रामीणों के साथ भेजा और रोक लगवाई
हीरापुर सरपंच शांति वेद प्रकाश दीवान अपनी जनता के लिए समर्पित नजर आई
मानेगांव सरपंच की भूमिका सवालों के घेरे में
जहां हीरापुर के सरपंच ने अपनी जनता की परेशानी को समझते हुए सरहान्य कार्य किया वही मानेगांव सरपंच कटरे अपने गांव की जमीन को माफिया के साथ मिलकर के बर्बाद कर रहा है अपने गांव का भविष्य खराब कर रहा है करोड़ों रुपए की जमीन को सरपंच सरेआम नीलाम कर रहा है लाखों रुपए का तालाब लाखों रुपए की सड़क को बर्बाद होते हुए देख रहा है आखिर कैसे गांव का मुखिया है जो अपने ही गांव की बर्बादी होते हुए देख रहा है यहां भी इंसानियत के नाम पर बहुत बड़ा सवाल बना हुआ है ऐसे सरपंच को शासन प्रशासन निष्पक्ष जांच करके पद से मुक्त कर देना चाहिए,,,
,फ्लर्टिंग में सरेआम चोरी करके मुरूम डाली जा रही है
मानेगांव हीरापुर भरवेली आंवला झारी एवं आसपास किसानों की जमीन लेकर फ्लर्टिंग का खेल चल रहा है जहां पर चोरी की मुरुम इन माफिया के द्वारा डाली जा रही है जिसकी अगर निष्पक्ष जांच होगी तो सरकार को जुर्माने के तौर पर बहुत बड़ी रकम सरकारी खजाने में जमा होगी परंतु सरकार अवैध रूप से चल रहे चोरी के कारोबार को बंद करने के लिए कोई प्रयास करती हुई नजर नहीं आ रही है आखिर ऐसा क्यों सवाल बना हुआ है ,,,,,, अवैध खनन में नहीं है कोई भी मानेगांव का निवासी जितने भी माफिया वहां सब दूसरे गांव के


















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