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Sunday, December 22, 2024

न्यूक्लियर पावर प्लांट किंदरई को रोकने के लिए एकजुट हुए क्षेत्रवासीय किंदरई थाना में ज्ञापन सौपे

 जिला सिवनी मध्यप्रदेश

न्यूक्लियर पावर प्लांट किंदरई को रोकने के लिए एकजुट हुए क्षेत्रवासीय 

किंदरई थाना में ज्ञापन सौपे



सी एन आई न्यूज सिवनी किंदरई//जिला सिवनी के विकासखंड घंसौर के अंतर्गत ग्राम किंदरई मैं जो अत्यंत पिछड़े एवं आदिवासी जिले के सीमा के समीप स्थित है यहां समाचार पत्रों एवं न्यूज़ के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि न्यूक्लियर पावर प्लांट ग्राम किंदरई में प्रस्तावित है जो यहां के मूल निवासियों आदिवासियों एवं क्षेत्र वासियों के लिए अत्यंत घातक है, किंदरई के अंतर्गत गांव आने वाले किंदरई, बुढ़ना,पौड़ी,चौरई, पुटरई,मवई, धूमामाल,बरेली,आदि ग्राम के ग्रामवासी आते हैं।इस संबंध में लेख है इस क्षेत्र में आदिवासी एवं अन्य भोले भाले लोग रहते हैं जो कई वर्षों से यहां निवास रथ हैं जिनके लिए उनकी कृषि भूमि जीविका का एकमात्र साधन है उनके लिए यह केवल भूमि का टुकड़ा ना होकर आत्मीय लगाओ का विषय है जिनको यहां से अलग किए जाने से यहां की संस्कृति एवं लोगों का बेघर होना सुनिश्चित है जिस कारण इसका निरस्तीकरण आवश्यक है इस संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत चुटका, न्यूक्लियर पावर प्लांट एवं थर्मल पावर प्लांट प्रक्रिया में है ऊर्जा के लिए इस क्षेत्र के लोगों को ही घर एवं जमीन का बलिदान दिया जाना एवं उनका पलायन के लिए मजबूर करना पूर्णतया अन्याय पूर्ण निर्णय है इस क्षेत्र में एवं ग्राम में वह पीड़ित लोग भी हैं जो अपनी संपत्ति घर भूमि बरगी बांध बनने के कारण खो चुके हैं वह पूर्व में भी पलायन के लिए मजबूर हुए और अब पुनः पलायन के लिए मजबूर होंगे क्या विकास के नाम पर इन पीड़ित लोगों को हमेशा पलायन के लिए मजबूर होना पड़ेगा न्यूक्लियर पावर प्लांट के रेडिएशन के कारण आसपास के गांव एवं क्षेत्र के अतिरिक्त नर्मदा नदी का जल भी रेडिएशन युक्त होने की प्रबल संभावना है जिससे भविष्य में भीषण दुर्घटना होने की संभावना है।क्षेत्र के लोगों के साथ होने वाले अन्यायपूर्ण निर्णय एवं पलायन आदिवासी की संस्कृति रेडिएशन के दुष्प्रभाव एवं पलायन को देखते हुए न्यूक्लियर पावर प्लांट प्रस्ताव को पूर्णता निरस्त करें अगर यह प्रस्ताव निरस्त नहीं होता है और सरकार आगे बढ़ती है तो जन आक्रोश बढ़कर आंदोलन की शक्ल लेकर उग्र हो सकता है जिसकी पूर्ण जवाबदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

*जिला ब्यूरो छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट*

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