ब्रेकिंग न्यूज
दाहोद गुजरात से
रेलवे सिमेंस कारखाने के साथ साथ रेल्वे कोलोनी से लिमडी वाया ITI एक ओवर ब्रिज का निर्माण हुआ है
यह ओवर ब्रीज रेलवे हॉस्पिटल को भी कनेकट करता है लेकीन सूत्रों ओर लोगो मे यह बात सुनने मे मिली कि यह ओवर ब्रिज में भी भ्रष्टाचार हुआ है
ब्रिज की दोनो ओर व्यवस्था के लिए रस्ते का निर्माण जरूर किया गया किन्तु वह इतना सांकरा है एम्बुलेंस की आने जाने की जगह भी पूरी नही है
ओर यह ब्रिज जीतना भर कर बनाया गया उसमें ऐक पिलर ओर डाला जाता तो ईतनी मिटी भर कर बनाने की जरूरत नहीं पडती पर ठेकेदार और AEN का पेट कैसे भरता वही आने वाले समय मे जब ब्रिज से कोई सि साइट जाना चाहे तो आमने सामने की जगहा कम होने पर ऐकसीडेट होना की पूरी संभावना है
वही स्पोर्ट्स ग्राउंड के कॉर्नर पर ऐक गटर जीसकी हाईट काफी ज्यादा होने से यहां भी एक्सीडेंट पोइंट है
ईस ब्रिज की उच्च स्तर के अधिकारियों द्वारा जांच होनी चाहीये और जब तक जांच पूरी ना हो तब तक ठेकेदारों की पेमेंट रोकनी चाहिए ब्रिज निर्माण निरीक्षण होना चाहिए
लोगों को यह भी कहते सुना गया कि भ्रष्टाचार ज्यादा होने से ब्रिज को बने 4 महीने से भी ज्यादा हो गया है पर उद्घाटन अभी तक नही किया गया है क्योंकि ज्यादा समय निकल जाने पर कोई objection नहीं ले सकेगा
इस ब्रिज के बनाने से और रेलवे क्रॉसिंग बंद होने से रेलवे कर्मचारीयों और आम जानता को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है, साथ ही यह ब्रिज अब love bird point भी बन गया क्योंकि सामान्य आवाजाही बंद होने से रंग रसियाओं को भरपूर मौका मिल रहा जिससे शहर में गंदी मानसिकता फैल रही है
ईस ब्रिज के बनाने और इसकी देख रेख करने वाले अधिकारी की पुरी लापरवही दिख रही है
राहगीर की गाड़ी रोक कर हमने वास्तविक समस्या दिखने की कोशिश की जिसे अधिकारियों को आंखे खुल सके
रेलवे के इंजीनियर का बना यह ब्रिज निर्माण मे अभी ही फेल नजर आ रहा है
वही दिल्ली से अधिकारी दोरे पर आये थे तो उन्हें दिखाने ना की सामान्य नागरिक की परेशानी न हो उसके लिए AEN ने सड़क पर speed ब्रेकर का निर्माण किया है जीस पर काला सफ़ेद पट्टे तत्काल कराया गया
अब वह कलर रात मे नही दिखाई देने के कारण लोग गीर रहे हैं और हाथ पेर टुट रहे हैं
जबकि स्पीड ब्रेकर बनाया गया तो नियमानुसार साइन बोर्ड लगना अनिवार्य होना चाहिए पर ऐसा कुछ नहीं किया गया, यह लापरवाह अधिकारी किसी की जान ले कर ही मानेंगे ऐसा प्रतीत हो रहा है
वही स्पीड ब्रेकर पर रात में चमकाने वाले स्टीकर गुटखे लगाना चाहिए पर नहीं करेगे ठेकेदारों और IOW AEN का पेट केसे भरेगा
ईन को थोडी परेशानी हे कि ये ओर ईनके बच्चे रेलवे की दि गडीयो में खुमते है तो ईने रेलवे कर्मचारी के बच्चे गीरे या मरे ईनको क्या फर्क पड़ता है ईन की जैब गरम होनी चाहिए....
और तो और ठेकेदारों द्वारा यह बात भी सामने आई उनका कोई कुछ नहीं बीगड सकता है कितनी भी शिकायत कर लो, यह दाहोद AEN से आगे जायेगी नहीं ऐसे मै दाहोद के रेलवे कर्मचारी अधिकारीयों के दबाव मे पुलीस कम्पलेन करे से डरते-डरते कूछ नहीं कर पाते
कुछ एक्सीडेंट हुए हैं उन लोग को बिना डरे ईन हादसो कि शिकायत करनी चाहिए किंतु अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत करेंगे तो उन्हें डर है कि किसी अन्य मामले को बना कर उन कर्मचारियों के विरुद्ध कोई भी एक्शन ये अधिकारी करवा सकते है
शायद इन अधिकारियों के कारण रेलवे कर्मचारियों को सिर्फ सहन करना ही नसीब बन गया है
कलेक्टर महोदय संज्ञान ले तो शायद कुछ हो सके
दाहोद गुजरात से पुनम प्रदीप प्रजापति रिपोर्ट


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.