कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कृषि और उद्यानिकी की उन्नत खेती का किया निरीक्षण
कलेक्टर ने विकासखंड छुईखदान के अंतर्गत ग्राम कृतबांस और ग्राम देवपुरा का किया सघन दौरा
सी एन आई न्यूज़ से संजू महाजन की रिपोर्ट
कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कृषि और उद्यानिकी के क्षेत्र में उन्नत खेती करने वाले किसानों खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने विकासखंड छुईखदान के अंतर्गत आने वाले ग्राम कृतबांस और ग्राम देवपुरा के किसानों से उन्नत खेती की विधियों और तकनीकों पर चर्चा की और उन्हें क्षेत्र में अपरंपरागत एवं कम पानी वाले फसलों को भी बढ़ावा देने की बात कही। साथ ही उन्होंने किसानों को प्रेरित किया कि वे अपने आस-पास के अन्य किसानों को भी उन्नत खेती अपनाने और अपरंपरागत एवं कम पानी वाले फसलों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करें। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने किसानों को बताया कि किस तरह से उन्नत तकनीकों और अपरंपरागत फसलों से वे अपनी आय बढ़ा सकते हैं और अधिक लाभ कमा सकते हैं। इस अवसर पर एडीएम श्री सुरेन्द्र कुमार ठाकुर, कृषि उप संचालक श्री राजकुमार सोलंकी एवं उद्यानिकी सहायक संचालक श्री रविन्द्र कुमार मेहरा सहित अन्य मौजूद थे।
*कलेक्टर ने फसलों का निरीक्षण कर किसान से चर्चा की*
कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने ग्राम कृतबांस में बड़े पैमाने में मूंग एवं केला की खेती करने वाले किसान से चर्चा की। कृषक श्री धनेश वर्मा ने बताया कि उन्होंने मूंग और केले का फसल लिया है। वे इससे अच्छी-खासी आमदनी अर्जित कर रहें हैं। वही शासकीय योजनाओं का भी बेहतर लाभ मिल रहा है। इसी तरह ग्राम देवपुरा में पपीता और कद्दू की खेती करने वाले कृषक श्री बलराम साहू ने बताया कि 3 हेक्टेयर में पपीते खेती कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत प्रथम वर्ष की सब्सिडी 67500 प्राप्त हुई है, वही दिसंबर माह में योजना के तहत दूसरी किश्त प्राप्त हो जाएगी। वही कृषक कुम्भकरण साहू ने बताया की उन्हें 11250 रूपये की प्रथम सब्सिडी प्राप्त हुई है।
*गैरपरंपरागत खेती को भी मिले बढ़ावा*
कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने सम्बंधित कृषकों से उत्पादन और बाजार को लेकर भी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कैसे वे अपनी फसलों को बाजार में उचित मूल्य पर बेच सकते हैं और अपने उत्पादों की ब्रांडिंग कर सकते हैं। कलेक्टर ने विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। साथ ही गैरपरंपरागत खेती को भी बढ़ावा देने के लिए निर्देशित किए और किसानों को सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में भी ज्यादा ज्यादा प्रचार प्रसार कर जानकारी देने बात कही, ताकि वे उनका लाभ उठा सकें।


















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