छुरिया ब्लॉक में बिजली की लुका छुप्पी
प्रशासन के अधिकारी नहीं देते ध्यान
छुरिया ब्लॉक के खोभा सेक्टर के दर्जन भर गांव से भी अधिक का मामला सामने आया है जहां पर जनता बिजली की समस्या से जूझ रही है लगातार तीन से चार घंटे तक बिजली बंद रहना गांव में परेशानी का सबक बना हुआ है तीन से चार घंटे बिजली रोजाना कटौती
खोभा में मई के महीने में है मुख्यमंत्री जी का आगमन
कई रातों बिजली रहती है बंद
छुरिया राजनांदगांव छत्तीसगढ़ न्यूज़ : आज जहां तापमान इतना बढ़ रहा है लोग घरों से निकलना बंद कर दिए हैं सूरज की तपन इतनी अधिक हो गई है कि हर आदमी हलकान है इस बीच मानो थोड़ी सी ठंडी हवा इंसान को अमृत का काम करती है
परंतु इस हवा को कुछ जिम्मेदार लोग अपनी मनमर्जी से चलाने के लिए कार्य करते हैं इस भीषण गर्मी में बिजली की समस्या बड़ी विकराल है एक तरफ गर्मी का प्रकोप दूसरी तरफ बिजली विभाग के लापरवाही आंखें आम नागरिक जाए तो कहां जाए अपनी परेशानी किसको बताएं आखिर ऐसा क्यों बिजली उपभोक्ता पूर्ण रूप से बिजली का बिल जमा करता है परंतु उसे उपभोक्ता को बिजली विभाग के द्वारा सही तरीके से सर्विस क्यों नहीं दी जाती
आखिर बड़े-बड़े उद्योगों में बिजली की आपूर्ति पूरी तरह से होती है परंतु आम नागरिक के लिए यहां कटौती क्यों आखिर सरकार गरीब जनता उपभोक्ता की ओर कब ध्यान देगी क्या गरीब जनता चुनावी वादों की तरह अपने आप को ठगा महसूस करती रहेगी या फिर पूरा भुगतान करने के बावजूद भी बिजली कटौती का सामना करते रहेगी सवाल बना हुआ है ,,,,,,,
छुरिया ब्लॉक के खोभा सेक्टर के दर्जन भर गांव से भी अधिक का मामला सामने आया है जहां पर जनता बिजली की समस्या से जूझ रही है लगातार तीन से चार घंटे तक बिजली बंद रहना गांव में परेशानी का सबक बना हुआ है तीन से चार घंटे बिजली रोजाना कटौती एवं कई दिनों तक रात और दिन भर बिजली नहीं आना ग्रामीणों को परेशानी में डाल रहा है आज के समय में बिजली के बिना हर काम अधूरा है ऐसे में बिजली विभाग की लापरवाही बेवजह कटौती कहीं ना कहीं बिजली विभाग के द्वारा जनता को परेशान करने का एक नया तरीका अपनाया जा रहा है आखिर क्यों कोई भी शासकीय अधिकारी इस और ध्यान नहीं दे रहा समस्या यहां है कि इन गांव में माननीय कलेक्टर महोदय का दौरा नहीं होने की वजह से यहां के बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं किसी भी प्रकार का बिजली विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को डर नहीं है समस्या यह है कि इन गांव वालों के साथ शासन प्रशासन कब न्याय करेगा कब इन गांव वालों को पूरी तरह से बिजली मिलेगी छोटे बच्चे बुजुर्ग बीमारी से त्रस्त ग्रामीण बेवजह बिजली कटौती से परेशान नजर आ रहे हैं यहां खबर मीडिया में आने के बाद रात को बिजली तो मिल जाती है परंतु सुबह होते ही बिजली गुल हो जाती है आखिर ऐसा क्यों इसकी जिम्मेदारी लेगा कौन सवाल बना हुआ है ,,,,,,
,,,,,, प्रशासन के अधिकारी नहीं देते ध्यान ,,,,
प्रशासन के ऑल अधिकारियों को बिजली कटौती की पूर्ण जानकारी होती है का परंतु अधिकारियों के द्वारा अपने हिसाब से रिपोर्ट तैयार कर जिला कार्यालय भेज देते हैं और अपने जिम्मेदारी से मुंह मोड़ देते हैं कटौती को रोकने के लिए अधिकारियों के द्वारा कोई प्रयास नहीं किया जाता ,,,,,,,,,
,, मई के महीने में है मुख्यमंत्री जी का आगमन ,,,,,,,,
मई के महीने में माननीय मुख्यमंत्री जी का होगा दौरा परंतु फिर भी बिजली विभाग के आला अधिकारियों को किसी बात का डर नहीं अधिकारियों को इस बात का डर नहीं की मुख्यमंत्री से ग्रामीण शिकायत कर सकते हैं बेवजह कटौती की लगता है इन अधिकारियों को मुख्यमंत्री जी से भी किसी प्रकार का कोई डर नहीं है इसलिए अपनी मर्जी के हिसाब से जब चाहे कटौती कर दे जब चाहे बिजली चालू कर दे ,,,,,,,,
,,,,, कई रातों बिजली रहती है बंद ,,,,,
आपको बता दे की कई रातों तक बिजली विभाग के द्वारा इन गांव में बिजली की आपूर्ति बंद कर दी जाती है मात्र 1 से 2 घंटे तक बिजली गांव वालों को दी जाती है सुबह होते ही बिजली की आंख में चोली का खेल बिजली विभाग के अधिकारियों कर्मचारी के द्वारा खेला जाता है यहां तो वही बात हो गई मीटर गुल बिजली चालू पैसा पूरा लेकर पर बिजली नहीं देंगे मीटर घूमे या ना घूमें पर बिजली बिल जमा करना पड़ेगा नहीं तो बिजली काट दी जाएगी यह कैसी व्यवस्था आम नागरिकों के लिए शासन प्रशासन ने बनाई है जहां भीषण गर्मी में लोग कूलर पंखे के बिना नहीं रह पाते वही इन ग्रामीणों को बिजली विभाग के द्वारा बिजली न देखकर के परेशान करना है आखिर ग्रामीणों की समस्या सुनेगा कौन सवाल बना हुआ है ,,,,,,,,,




















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