छत्तीसगढ़ बालोद दल्ली राजहरा
दल्ली राजहरा स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल का नया कारनामा 26 बच्चों के भविष्य अंधकार में
बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती संगीता गजभिए मिले डीईओ से
दल्ली राजहरा स्वामी आत्मानंद शासकीय इंग्लिश मीडियम स्कूल का नया कारनामा देखने और सुनने को मिलेगा प्रिंसिपल के द्वारा बच्चों के भविष्य के साथ खेल रहा है
प्रिंसिपल मामला इस प्रकार है कि अभी हाल में ही वार्षिक पेपर हुआ है जिसमें नौवीं क्लास के लगभग 26 बच्चे फेल हुए हैं जिसमें लड़कियां भी शामिल है लेकिन प्रिंसिपल के द्वारा बच्चों के माता-पिता को स्कूल में मीटिंग रखा गया
और बुलाकर बुलाकर छात्राओं के माता-पिता से प्रिंसिपल के द्वारा कहा जाता है कि आपके बच्चे बहुत ही ज्यादा कमजोर है पढ़ाई में ध्यान नहीं देते आप लोग बच्चों का टीसी निकालकर दूसरे स्कूल में एडमिशन कर दो प्रिंसिपल के द्वारा बच्चों के माता-पिता से कहा जाता है
और हो सके तो जो बच्चे अभी नौवी क्लास में फेल हुए हैं उनको ओपन की तैयारी कराए एक शिक्षक के द्वारा कहा जाता है जरा सोचने वाली बात है कि एक शिक्षक के द्वारा बच्चों के भविष्य के साथ कैसे खेला जा रहा है आज जब यह बात बाल संरक्षण आयोग तक पहुंची तब अचानक दिनांक 23.5.2025 राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती संगीता गजभिए स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल दल्ली राजहरा पहुंचकर प्रिंसिपल से पूरी जानकारी के बारे में पूछा गया तब जाकर प्रिंसिपल के द्वारा कहा जाता है कि नवी क्लास में लगभग 26 बच्चे फेल हुए हैं जिनमें से सभी बच्चे पढ़ने में कमजोर है और साथ ही कुछ बच्चे बीड़ी सिगरेट पीते हैं और पढ़ाई में ध्यान नहीं देते इसी वजह से बच्चे फेल हुए हैं संगीता गजभिए के द्वारा प्रिंसिपल को कहां गया कि अगर बच्चे कमजोर है तो आप लोग उसे फिर से वही स्कूल में पढ़ाइए और किसी भी बच्चे को टीसी देने की जरूरत नहीं है
छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य श्रीमती संगीता गजभिए ने कहा मैं अभी तत्काल इस संबंध में बालोद जिला शिक्षा अधिकारी से बात करूंगी जब संगीता गजभिए के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के ऑफिस जाकर पूरी जानकारी मांगी गई तब पता चला है कि जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा कहा गया कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है कि दल्ली राजहरा स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में नौवीं क्लास में 26 बच्चे फेल हुए हैं और वहां के जो प्रिंसिपल है उनकी जानकारी मुझे नहीं दी गई है साथ ही और जो बच्चों को माता-पिता को बुलाकर टीसी देने की बात की गई है उनके बारे में मैं प्रिंसिपल को बुलाकर पूरी जानकारी लूंगा और प्रिंसिपल को बोलूंगा कि किसी भी बच्चों को टीसी देने की जरूरत नहीं है बच्चे आखिर कहां पढ़ेंगे बच्चे के भविष्य के साथ अन्याय नहीं होगा जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है अगर कोई भी इसमें दोषी पाया जाता है तो मैं उनके ऊपर कार्यवाही करूंगा जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है।





















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