पाँच लाख श्लोकों वाले महाभारत का सार मात्र नौ पंक्तियों में ।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी। (संकलित)
चाहे आप हिन्दू हों या किसी अन्य धर्म से,
चाहे आप स्त्री हों या पुरुष,
चाहे आप गरीब हों या अमीर,
चाहे आप अपने देश में हों या विदेश में,
संक्षेप में, यदि आप मनुष्य हैं, तो नीचे दिए गए महाभारत के अनमोल "9 मोती" अवश्य पढ़ें और समझें:
1. यदि आप समय रहते अपने बच्चों की अनुचित माँगों और इच्छाओं पर नियंत्रण नहीं रखते, तो आप जीवन में असहाय हो जाएँगे... "कौरव"
2. आप कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, यदि आप अधर्म का साथ देंगे, तो आपकी शक्ति, शस्त्र, कौशल और आशीर्वाद सब बेकार हो जाएँगे... "कर्ण"
3. अपने बच्चों को इतना महत्वाकांक्षी न बनाएँ कि वे अपने ज्ञान का दुरुपयोग करके सर्वनाश कर दें... "अश्वत्थामा"
4. कभी भी ऐसा वचन न दें कि आपको अधर्मियों के सामने समर्पण करना पड़े... "भीष्म पितामह"
5. धन, शक्ति, अधिकार और सत्ता का दुरुपयोग गलत काम करने वालों का साथ अंततः पूर्ण विनाश की ओर ले जाता है... "दुर्योधन"
6. सत्ता की बागडोर कभी भी अंधे व्यक्ति को न सौंपें, अर्थात जो स्वार्थ, धन, अभिमान, ज्ञान, आसक्ति या वासना से अंधा हो, क्योंकि इससे विनाश होगा... "धृतराष्ट्र"
7. यदि ज्ञान के साथ बुद्धि भी हो, तो आप अवश्य विजयी होंगे... "अर्जुन"
8. छल-कपट से आपको हर समय सभी मामलों में सफलता नहीं मिलेगी... "शकुनि"
9. यदि आप नैतिकता, धर्म और कर्तव्य का सफलतापूर्वक पालन करते हैं, तो दुनिया की कोई भी शक्ति आपको नुकसान नहीं पहुँचा सकती... युधिष्ठिर"
सर्वे भवन्तु सुखिनः - सर्वे सन्तु निरामयाः।























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