आजादी की लड़ाई में राजनांदगाँव जिला का योगदान' विषय पर पुरवाही की गोष्ठी सम्पन्न
छुरिया - पुरवाही साहित्य समिति पाटेकोहरा, छुरिया के तत्वावधान में मासिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का आयोजन पुरवाही के संयोजक श्री ओमप्रकाश साहू 'अंकुर' के संयोजन में श्री कोमलसिंह गुरुजी के निज निवास छुरिया में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित था। प्रथम सत्र में परिचर्चा जिसमें विषय था- 'आजादी की लड़ाई में राजनांदगाँव जिला का योगदान' तथा द्वितीय सत्र में काव्यपाठ।
कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती की पूजन-वंदन अबीर-गुलाल तथा पुष्पगुच्छ भेंट कर हुई। प्रथम सत्र के मुख्य अतिथि डॉ. श्री थानसिंह वर्मा प्रगतिशील लेखक संघ दुर्ग, अध्यक्षता श्री कुबेरसिंह साहू, विशेष अतिथि प्रभात तिवारी, वरिष्ठ साहित्यकार, लखन साहू 'लहर' वरिष्ठ कवि मोखला, सुभाष यादव समाजसेवी छुरिया, प्रह्लाद मिश्रा, राजकुमार मंडावी, ओमप्रकाश साहू 'अंकुर' संयोजक पुरवाही तथा आधार वक्तव्य हेमलाल सहारे सचिव पुरवाही के रहे। गोष्ठी में राजनांदगाँव जिले के साथ देशभर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के अद्वितीय योगदानों को याद करते हुए नमन किये गए। इनके योगदानों की चर्चा करते हुए डॉ. श्री थानसिंह वर्मा जी ने कहा कि महात्मा गांधी जी ने अंग्रेजों के विरुद्ध व्यापक आंदोलन खड़ा किया। प्रभात तिवारी जी ने कहा कि क्रांति हमेशा होती रहेगी। कुबेर साहू ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपने स्वाभिमान को बचा कर रखा। जितेंद्र पटेल ने कहा कि साहित्य के अध्ययन से ही आजादी को समझेंगे। प्रह्लाद मिश्रा जी ने कहा कि सेनानियों के बताये मार्ग पर चलना चाहिए। ओमप्रकाश साहू 'अंकुर' जी पुरवाही के संयोजक व अध्यक्ष साकेत साहित्य परिषद सुरगी के राजनाँदगाँव जिले के सेनानियों के बारे में विस्तृत जानकारी दिया गया। लखन साहू 'लहर' जी का शोधपरख लेख नई जानकारियों से भरपूर कर दिया। इस परिचर्चा में देश के शीर्षस्थ स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ राजनांदगाँव जिले के सेनानियों प्यारेलाल ठाकुर, कुंज बिहारी चौबे, लोटन सिंह ठाकुर, कन्हैयालाल अग्रवाल, तुलसीप्रसाद मिश्रा, विश्राम दास बैरागी, विश्वेश्वर प्रसाद यादव, विद्या प्रसाद यादव, रामाधीन गोंड़, बुधलाल साहू, बहुर सिंह मंडावी, रेवती दास, समारू बरई, दशरथ साहू, सतानंद साहू, दामोदर दास टावरी, पी.वी. दास, दामोदरप्रसाद त्रिपाठी, अमृतलाल महोबिया के साथ अन्य सेनानियों के योगदानों को याद कर नमन किया गया।
द्वितीय सत्र में उपस्थित दुर्ग राजनांदगाँव व मोहला-मानपुर-अं.चौकी जिले के दो दर्जन से अधिक कवियों द्वारा सरस् काव्यपाठ किया गया। इन कवियों ने विभिन्न रसों से ओतप्रोत रचनाएं पढ़ी। जिसमें किसान, भादो, छत्तीसगढ़ी संस्कृति, छत्तीसगढ़ के दर्शनीय स्थल, गुंडाधुर, तिरंगा, प्रकृति चित्रण, पेड़ बचाव, प्रेम-गीत, हास्य-व्यंग्य, प्रेरणा गीत शामिल थे। इस सत्र की अध्यक्षता श्री लखन साहू 'लहर' वरिष्ठ गीतकार मोखला ने की। दोनों सत्रों का सरस संचालन ग्वाला प्रसाद यादव 'नटखट' अध्यक्ष पुरवाही ने की। इस गोष्ठी में डॉ. श्री थानसिंह वर्मा, प्रभात तिवारी, कुबेरसिंह साहू, लखन साहू 'लहर', ओमप्रकाश साहू 'अंकुर', जितेंद्र पटेल, ग्वालाप्रसाद यादव 'नटखट', फकीर साहू 'फक्कड़', आनंद सार्वा, जसवंत मंडावी, राजकुमार श्याम,डोहर साहू, कोमलसिंह गुरु, रमेश मंडावी 'नित', लेखराम वर्मा, अलखराम यादव, धनेश कुमार, राजेंद्र साहू, सेवन्त देशमुख तथा हेमलाल सहारे ने अपनी उत्कृष्ट रचनाओं से काव्य की रसधार बहाकर सराबोर कर दिया। इस गोष्ठी में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार के सदस्य श्री सुभाष यादव, प्रह्लाद मिश्रा व राजकुमार मंडावी जी का शाल व श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
सीएन आई न्यूज से विजय निषाद की रिपोर्ट


















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