जनता की मांग उदयपुर राजस्थान के लिए हो सीधी ट्रेन
रेल सलाहकार समिति सदस्य ने रेल मंत्री को पत्र लिखा । सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर-छत्तीसगढ़ की जनता की वर्षों पुरानी मांग है कि एक सुपरफास्ट ट्रेन या वंदे भारत लंबी दूरी की ट्रेन बिलासपुर से उदयपुर राजस्थान के लिए चलाई जावे जो कई वर्षों से लंबित है उदयपुर पर्यटकों की दृष्टि से एवं नारायण संस्थान सेवा भावी संस्था जो विकलांग बच्चों की सेवा हेतु पूरे भारत में प्रसिद्ध है ,इसके साथ ही इस नई ट्रेन के परिचालन से छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र मध्य प्रदेश राजस्थान चार राज्यों से सीधे कनेक्टिविटी हो जाएगी जिससे आम जनता की वर्षों पुरानी मांग छत्तीसगढ़ वालों की पूरी हो सकेगी इस ट्रेन को नागपुर भोपाल कोटा होकर सीधी ट्रेन उदयपुर के लिए चलाया जाए ,जो कि लाभदायक अधिक राजस्व देने वाली हो सकती है । उपरोक्त रूट पर चलने से बिलासपुर जोन रेलवे को जो पूरे भारत में सबसे ज्यादा राजस्व देने वाला है और अधिक राजस्व में वृद्धि होने की संभावना है , इसे दुर्ग से वाया बिलासपुर पेंड्रा रोड कोटा उदयपुर से परिचालन किया जा सकता है साथ ही बिलासपुर से भगत की कोठी ट्रेन न 20843 को फलोदी पोकरण रामदेवरा जैसलमेर तक परिचालन बढ़ाया जाए जिससे धार्मिक व्यापारिक और सभी समाज के लोगों के लिए सुविधा प्राप्त हो सकेगी सीधी ट्रेन होने पर पर्यटकों की भी संख्या लगातार बढ़ेगी इसे जैसलमेर तक बढ़ाया जाए बिलासपुर पुणे चलने वाली ट्रेन का परिचालन सतारा कोल्हापुर तक बढ़ाया जाए जिससे छत्तीसगढ़ के ज्वेलर्स कारीगर कर्मचारी एवं महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को राहत मिलेगी । इसके साथ छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थान कैवल्यधाम जो कुम्हारी स्टेशन से लगा हुआ है कुम्हारी स्टेशन पर सभी एक्सप्रेस मेल गाड़ियों का स्टॉपेज किया जाए क्योंकि पूरे भारत और विश्व से इस ऐतिहासिक प्राचीन जैन मंदिर को देखने हेतु दर्शनार्थियों का आना-जाना लगा रहता है। इसके साथ ही कुम्हारी स्टेशन को एक आदर्श स्टेशन भव्यता के रूप विकसित किया जाए जिससे क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों को कैवल्य धाम जैन मंदिर का दर्शन आसानी से हो सकेगा। कुम्हारी पर रेलवे क्रॉसिंग होने पर आम जनता को जाम की परेशानियों का सामना करना पड़ता है उस स्थान पर ओवर ब्रिज बनाया जाए जिसकी आधारशिला पूर्व में रखी जा चुकी है जो अभी तक लंबित है क्योंकि यह स्थान जैनियों का 24 तीर्थंकरों की विश्व प्रसिद्ध मंदिर है जो धार्मिक आस्था का प्रतीक है मंदिर बहुत बड़े प्रांगण में निर्मित है यहां पर शिक्षा के लिए प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान जैन विचक्षण विद्यापीठ भी हैं यहां पढ़कर बच्चे अपने भविष्य सवारते हैं कुम्हारी स्टेशन का नाम जैसा कि पार्श्वनाथ स्टेशन भगवान के नाम पर है वाराणसी का नाम प्रयागराज किया गया इसे भी परिवर्तन कर केवल्य धाम स्टेशन का दर्जा दिया जाए जैसा कि भारत में धार्मिक नगरी स्थल होने के कारण केवल्य धाम के नाम से किया जाए जिससे भारत वर्ष में बहुत अच्छा संदेश समाज और लोगों में जाएगा अतः नाम परिवर्तन कर स्टेशन का नाम केवल्य धाम करने का प्रस्ताव बनाकर रेलवे बोर्ड भारत सरकार में भेजा जाए
इस हेतु रेल मंत्री रेल महाप्रबंधक बिलासपुर जोन प्रबंधक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर को रेल सलाहकार समिति के सदस्य विमल बाफना ने पत्र लिखकर मांग की है।


















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