पिरदा से चनाट तक की जर्जर सड़क बनी लोगों की मुसीबत, शासन-प्रशासन मौन
कुंजराम यादव बसना रिपोर्टर
बसना विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत पिरदा से चनाट तक की मुख्य सड़क इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। यह सड़क इतने खराब हालात में पहुँच चुकी है कि राहगीरों और स्कूली बच्चों को रोज़ाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों से भरी इस सड़क पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस सड़क की मरम्मत पूर्व में कई बार की गई थी, लेकिन सभी प्रयास अस्थायी साबित हुए। थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाती है। आमजन के साथ-साथ स्कूली छात्र-छात्राओं को भी इसमें सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जिससे उनकी पढ़ाई और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो पक्की सड़क का निर्माण हुआ, न ही कोई स्थायी समाधान सामने आया है। यह स्थिति तब है जब राज्य में डबल इंजन की सरकार — केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राज्य में भी भाजपा की ही सरकार — सत्ता में है, जो स्वयं को ‘शुसाशन’ की सरकार बताती है।
स्थानीय लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द इस सड़क का पक्का निर्माण किया जाए ताकि दैनिक आवागमन सुचारू हो सके और लोगों को राहत मिल सके।
अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन कब इस मुद्दे पर संज्ञान लेता है और कब तक पिरदा से चनाट तक की यह सड़क जनता के लिए किसी 'संकट' से कम नहीं रहेगी


















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