डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने का आरोपी जेल दाखिल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग - सीबीआई एवं क्राईम ब्रांच अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट कर जान-माल एवं जांच का भय दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर साढ़े बारह लाख रूपये की ठगी करने के आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर भिलाई नगर पुलिस ने माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया।
इस संबंध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार गत माह 08 जुलाई को प्रार्थिया श्रीमती शोभा झा निवासी सेक्टर 7 भिलाई थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि प्रार्थिया को 01 जुलाई को अज्ञात नंबर से कॉल आया और अपने आप को सीबीआई और क्राईम कोलावा का अधिकारी बताया। उक्त सायबर ठग द्वारा प्रार्थिया को धमकी दी गयी कि आप किसी बडे अपराध में संलिप्त है , आपके द्वारा मनी लांड्रिंग पैसो की ठगी आदि अपराध कारित किया गया है। जिसमें आपके विरूद्ध आईपीसी की धारा 198 , 223 , 420 लगाई गई है , यह बोलकर पांच दिवस आवेदिका के सेक्टर 07 स्थित आवास पर ही डिजिटल अरेस्ट कर रखा गया एवं जेल भेजने की धमकी दी गई। जिससे डरकर प्रार्थिया द्वारा अपने जमा पूंजी एवं अपने गहनों को मुथूट फायनेंस में गिरवी रख कर अपने पेंशन खाते में रकम एकत्र किया जाकर आरोपियों द्वारा बताये गये बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से 12,50,000 रूपये ट्रांसफर कराया गया। साथ ही उक्त ट्रांसफर रकम आवेदिका को जांच उपरांत वापस करने का झांसा भी दिया गया। घटना की सूचना प्राप्त होने पर मामले का गंभीरता से लेते हुये विशेष टीम गठित कर मामले की जांच सायबर टीम को सौपी गई। टीम द्वारा आवेदिका से घटना में पूछताछ कर घटना में उपयोग मोबाइल नंबर , बैंक खातों की जानकारी लेकर तकनीकी विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच में प्रकरण में पूर्व में गिरफ्तार आरोपी शहबाज उर्फ मोह. फैजल अहमद निवासी फतेहपुर से की गई पूछताछ पर से अग्रिम विवेचना में घटना में उपयोग ‘‘कॉल कन्वर्टर मशीन’’ एवं आधुनिक सॉफ्टवेयर की जानकारी लेकर तकनीकी जांच की गई। जिसमें गिरफ्तार आरोपी फैजल का साथी सुहैल पिता इसलामुद्दीन निवासी मेरठ की भुमिका संदिग्ध पाई गई। साईबर टीम से प्राप्त इनपुट के आधार पर टीम गठित कर मेरठ उ.प्र रवाना किया गया , जहां आरोपी सुहैल को गिरफ्तार किया गया। आरोपी सुहैल द्वारा पूर्व में गिरफ्तार आरोपी मोह. फैजल के सहियोग से ‘‘कॉल कन्वर्टर मशीन’’ में लोकल सीम अरेंज कर उसे ठगी के उपयोग हेतु कॉल बेचने का कार्य संपादित करता था। आरोपियो द्वारा उक्त कृत्य के फलस्वरूप जो रकम यूएसडीटी के रूप में प्राप्त होती थी , उसे हवाला के माध्यम से इंडियन करेंसी में बदल कर लाभ अर्जित किया जाता था। आरोपी सुहैल द्वारा कॉल बेचने एवं अन्य तकनिकी जानकारी हेतु मुख्य आरोपियों से ‘‘माइक्रोसाक्ट टीम एप’’ के माध्यम से सम्पर्क स्थापित किया जाता था। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से भिलाई नगर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। उक्त कार्यवाही में थाना सुपेला के सउनि संतोष मिश्रा , एसीसीयू से प्रधान आरक्षक पंकज कुमार , आरक्षक जावेद हुसैन , जुगनु सिंह थाना भिलाई नगर से आरक्षक तोषण चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तार आरोपी -
सुहैल पिता इसलामुद्दीन निवासी अहमद नगर मेरठ (उत्तर प्रदेश)।
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