सिवनी मध्यप्रदेश
पत्रकार साथी अजय ठाकरे के खिलाफ कि गई fir के विरोध में आज श्रमजीवी पत्रकार परिषद ने जिला कलेक्टर एवं एसपी को ज्ञापन सौपा ज्ञापन
भारत के सबसे बड़े लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना गया है जिसके साथ जुडक़र सिवनी एवं प्रदेश के पत्रकार निष्पक्ष निर्भीकता के साथ पत्रकारिता करते हुए आमजनमानस की आवाज शासन प्रशासन तक पहुंचाने का काम करते है। समय-समय पर राज्य शासन भी पत्रकारों के मान सम्मान की बात करती है लेकिन धरातल में फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों के साथ दोहरा रवैया अपनाया जाता है
जिनके ऊपर कभी हमले तो कभी झूठा प्रकरण बनाकर उन्हें परेशान किया जाता है। देश प्रदेश में निष्पक्ष, निर्भीक पत्रकारों को झूठा फंसाए जाने से लोकतंत्र कमजोर होता है।
महोदय जी सिवनी की कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 899/225 धारा 121(1),132,221,296, 324(4), 351(3) व 191 (2) में लगभग 08-10 लोगो को आरोपी बनाया गया जिसमें सिवनी से प्रकाशित दैनिक सिवनी न्यूज के संपादक श्री अजय ठाकरे को भी आरोपी बनाया गया जो उस समय घटना का कवरेज करने मौके पर थे। महोदय जी चूंकि सभी धाराए मुचलके में छोड़े जाने की धाराए है बावजूद इसके कोतवाली पुलिस बल दैनिक समाचार पत्र के संपादक अजय ठाकरे का गिरफ्तार करने उनके निवास पर पहुंचा। फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों को को इस तरह बिना जांच के आरोपी बनाना निंदनीय है।
आपसे निवेदन है कि प्रदेश के पत्रकार जो निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ आम लोगों की आवाज बनते है और फील्ड की सच्चाई को उजागर करते है उनके विरुद्ध झूठे प्रकरण ना बनाया जाए और यदि पत्रकारों की कोई शिकायत होती है तो पहले उसकी राजपत्रित अधिकारियों से जांच कराई जाए। निवेदन है कि इस मामले में दैनिक समाचार पत्र के संपादक अजय ठाकरे की पहले निष्पक्ष जांच हो। और जांच के पहले उनके परिवार को परेशान ना किया जाए एवं पुलिस वाले जाकर कार्यवाही का डर ना दिखाएं
2. समाचार पत्रों के संपादकों, ब्यूरो, संवाददाताओं, स्ट्रींगर, फील्ड में काम करने वाले प्रेस फोटो ग्राफरों की सुरक्षा के लिए कानून बनाया जाए। साथ ही पत्रकारों को भीड़ का हिस्सा न मानते हुए उनके विरूद्ध षडय़ंत्र पूर्वक बिना जांच के एफआईआर में रोक लगाई जाए।
3. समाचार पत्रों के संपादकों, ब्यूरो, संवाददाताओं, स्ट्रींगर, फील्ड में काम करने वाले प्रेस फोटो ग्राफरों के विरूद्ध यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
4. पत्रकारों के लिए राज्य में सुरक्षा कानून बिल पास किया जाए ताकि प्रदेश में पत्रकार अपने आपको सुरक्षित महसूस कर सके।
निवेदन है कि हमारी मांग पर सदभावना पूर्वक विचार करने का कष्ट करें। एवं शिवानी के साथी पत्रकार अजय ठाकरे न्यूज़ के संपादक हैं उनको एवं उनके परिवार को पुलिस के द्वारा जांच के पहले परेशान ना किया जाए



















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