रायपुर की गीता शर्मा हुई तमिलनाडु के राज्यपाल से सम्मानित
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
चेन्नई - छत्तीसगढ़ रायपुर की गीता शर्मा को भारतीय भाषाओं और साहित्यिक अनुवाद में उनके विशिष्ट योगदान के लिये महाकवि सुब्रमण्यम भारती की 144वीं जयंती के अवसर पर तमिलनाडु के महामहिम राज्यपाल थिरु आर. एन. रवि ने सम्मानित किया। बताते चलें कि महाकवि सुब्रमण्यम भारती की जयंती को भारतीय भाषा दिवस के रूप में मनाया गया। यह कार्यक्रम चेन्नई के लोक भवन स्थित भरथियार मंडपम में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम का आयोजन सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल तमिल (सीआईसीटी),चेन्नई के तत्वावधान में किया गया था। जिसमें माननीय राज्यपाल मुख्य अतिथि थे और सीआईसीटी के निदेशक प्रोफेसर आर. चंद्रशेखरन ने अध्यक्षता की। भाषा , साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले पूरे भारत के जाने-माने विद्वानों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिये सम्मानित किया गया। गीता शर्मा को प्राचीन तमिल नैतिक ग्रंथ "थिरुक्कुरल" का हिंदी से छत्तीसगढ़ी भाषा में अनुवाद करने के महत्वपूर्ण कार्य के लिये सम्मानित किया गया। यह परियोजना सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ क्लासिकल तमिल (चेन्नई) के सहयोग से पूरी की गई है , जो इस अनुवाद को प्रकाशित कर रहा है। थिरुक्कुरल जिसे प्रसिद्ध तमिल कवि-दार्शनिक थिरुवल्लुवर से जोड़ा जाता है , शास्त्रीय तमिल साहित्य की सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक है। इस ग्रंथ में 133 अध्याय है , जिनमें से प्रत्येक में 10 दोहे यानि कुल 1330 दोहे हैं जिन्हें सद्गुण , धन और प्रेम के विषयों के तहत व्यवस्थित किया गया है और इसे व्यापक रूप से नैतिकता और मानवीय मूल्यों के लिए एक कालातीत मार्गदर्शक माना जाता है। इस उल्लेखनीय शैक्षणिक उपलब्धि और राष्ट्रीय पहचान पर पूरे देश के उनके मित्रों ने हार्दिक बधाई दी और उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है।


















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