भव्य चादर तिलक समारोह में नवोदित वंशाचार्य उदित मुनि बने 16वें पंथ श्री
देशभर के लाखों कबीरपंथियों की उपस्थिति में पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने सौंपी गुरु गद्दी
कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक चादर तिलक समारोह में कबीर पंथ की परंपरा एक बार फिर जीवंत हुई।
लाखों श्रद्धालुओं और कबीरपंथियों की उपस्थिति में पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने नवोदित वंशाचार्य उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक कर उन्हें कबीर पंथ के 16वें पंथ श्री के रूप में गुरु गद्दी पर आसीन किया।
इसी समारोह में प्रखर प्रताप साहेब का गुरु गोसाईं के रूप में चादर तिलक भी विधिवत संपन्न हुआ।
समारोह के दौरान संपूर्ण कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा “साहेब बंदगी साहेब” के जयघोष से गूंज उठा। हर ओर भक्ति, श्रद्धा और अनुशासन का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
चादर तिलक के भावुक क्षणों में उदित मुनि नाम साहब की आंखें छलक पड़ीं, जिसे देख श्रद्धालु भी भाव-विभोर हो उठे।
जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
चादर तिलक समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, पंडरिया विधायक भावना बोहरा, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, पूर्व संसदीय सचिव लाभचंद बाफना, सुनील महेश्वरी, रिंकू भाटिया सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। सभी अतिथियों ने पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब को श्रीफल भेंट कर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया।
1990 की स्मृतियों को किया साझा
सभा को संबोधित करते हुए पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने साहेब बंदगी साहेब के जयघोष के साथ आशीर्वचन देते हुए कहा कि “आज मुझे सन् 1990 की याद आ रही है, जब मेरे गुरुदेव परम पूज्य गृन्धमुनि नाम साहब ने मेरा चादर तिलक कर कबीर पंथ का दायित्व सौंपा था। आज 35 वर्षों बाद वही ऐतिहासिक क्षण फिर हमारे सामने है, जब मैं नवोदित वंशाचार्य उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक कर उन्हें गुरु गद्दी प्रदान कर रहा हूँ।”
उन्होंने कहा कि यह परंपरा केवल हाल की नहीं, बल्कि सन् 1570 से अनवरत चली आ रही एक पवित्र गुरु-शिष्य परंपरा है, जो कबीर पंथ की आत्मा और अनुशासन का प्रतीक है।
1904 से दामाखेड़ा बना आध्यात्मिक केंद्र
पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने आगे बताया कि कबीर पंथ के 12वें वंश गुरु उग्रमुनि नाम साहब ने सन् 1904 में दामाखेड़ा में गुरु गद्दी की स्थापना की थी। तभी से प्रतिवर्ष यहां बसंत पंचमी से माघ पूर्णिमा तक विशाल संत समागम समारोह आयोजित होता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों नेमी प्रेमी भक्त शामिल होते हैं और सत्संग, भजन एवं आध्यात्मिक आयोजनों के माध्यम से कबीर साहेब की वाणी का प्रसार होता है।
श्रद्धालुओं की अपार भीड़
चादर तिलक समारोह के साक्षी बनने के लिए कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे नगर में पैर रखने तक की जगह नहीं बची। दूर-दराज़ से आए श्रद्धालु कई किलोमीटर पहले से पैदल चलकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे।
गुलाल उत्सव के साथ माघ मेले का शुभारंभ
संध्या समय भव्य गुलाल उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहब एवं पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब के चरणों में गुलाल अर्पित कर श्रद्धा प्रकट की। इसी के साथ विधिवत रूप से संत समागम माघ मेला का शुभारंभ हुआ।
सफल आयोजन में सामूहिक योगदान
चादर तिलक समारोह को सफल बनाने में कबीरपंथियों, संतों, सेवादारों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सुरक्षा, व्यवस्था और अनुशासन की हर स्तर पर प्रशंसा की गई।
CNI NEWS के लिए ओंकार साहू के साथ हितेश मानिकपुरी की रिपोर्ट।






















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.