Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Wednesday, January 7, 2026

बिहान योजना से बदल रही जिंदगी, लखपति दीदी बनकर आगे बढ़ रहीं जिले की महिलाएँ श्रीमती हेमिन रात्रे और श्रीमती मीना रात्रे हुई आत्मनिर्भर

 बिहान योजना से बदल रही जिंदगी, लखपति दीदी बनकर आगे बढ़ रहीं जिले की महिलाएँ



श्रीमती हेमिन रात्रे और श्रीमती मीना रात्रे हुई आत्मनिर्भर


कवर्धा, 07 जनवरी 2026। सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की मदद से कबीरधाम जिले की महिलाएँ आज आत्मनिर्भर बन रही हैं। वे अब केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि काम करके परिवार की आमदनी भी बढ़ा रही हैं। 




राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत चल रही बिहान योजना ने महिलाओं के जीवन में एक नई रोशनी लाई है। इसी योजना से जुड़कर कई महिलाएँ आज लखपति दीदी बन चुकी हैं।



कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की जय सतनाम स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती हेमिन रात्रे और श्रीमती मीना रात्रे इसकी अच्छी मिसाल हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और विभागीय सहायता मिली। इसके बाद उन्होंने मछली पालन को अपने रोजगार का साधन बनाया। एनआरएलएम के सहयोग से सामुदायिक तालाब में वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन शुरू किया गया। सही देखरेख और समय पर भोजन देने से मछली उत्पादन बढ़ा। इससे मछली बेचकर उन्हें नियमित और अच्छी आमदनी होने लगी। अब वे घर के खर्च आसानी से चला पा रही हैं और बचत भी कर रही हैं।

आज ये महिलाएँ लखपति दीदी बनकर जिले की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। मछली पालन से मिली आय ने उनकी आर्थिक स्थिति ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और समाज में सम्मान भी बढ़ाया है। श्रीमती हेमिन रात्रे और श्रीमती मीना रात्रे बताती हैं कि पहले उनका जीवन केवल घर तक सीमित था। काम करने की इच्छा थी, लेकिन पैसे की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाईं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने और बिहान योजना के तहत ऋण मिलने के बाद उन्होंने मछली पालन शुरू किया, जो आज उनकी आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन गया है। अब वे घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ परिवार की आर्थिक मजबूती में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। समाज और रिश्तेदारों के बीच उनकी एक नई पहचान बनी है, जिससे उनका आत्मसम्मान और हौसला दोनों बढ़े हैं।

CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad