रिपोर्टर रोहित वर्मा
लोकेशन खरोरा
संकुल केंद्र मोहरा में पूर्व शिक्षकों का सम्मान समारोह, वर्षों बाद हुआ भावनात्मक पुनर्मिलन
खरोरा
संकुल केंद्र मोहरा में पूर्व शिक्षकों का गरिमामय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य उन शिक्षकों का सम्मान करना था, जिन्होंने विकासखंड सिमगा के अंतर्गत संकुल केंद्र मोहरा के विभिन्न विद्यालयों में वर्षों तक सेवाएं दीं तथा वर्तमान में अन्य स्थानों पर कार्यरत हैं।
यह कार्यक्रम संकुल समन्वयक मारकंडेय कैवर्त एवं प्राथमिक विद्यालय मोहरा में कार्यरत शिक्षक हरीश कुमार वर्मा के संयुक्त प्रयास से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में ढालसिंह ठाकुर (विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सिमगा) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में नरेंद्र वर्मा (डीएमसी, बलौदा बाजार) की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शोभा मंतराम बंजारे (अध्यक्ष, शाला प्रबंधन समिति मोहरा), बोधराम ध्रुव (संस्था प्रमुख, भालेसुर), चोवाराम वर्मा (प्रधान पाठक, मोहरा), हरिश्चंद्र वर्मा (शिक्षक, मोहरा), जितेंद्र कुमार पटेल (शिक्षक, नेवारी) एवं शीला भारद्वाज (प्राथमिक शाला, बुड़गहन) की उपस्थिति से और अधिक बढ़ गई। इस अवसर पर शिक्षक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि लगभग 12–13 वर्ष पूर्व हम सभी एक ही विद्यालय समूह में एक परिवार की तरह साथ कार्यरत थे। आज का यह पुनर्मिलन ऐसा प्रतीत हो रहा है, मानो समय ने हमें पीछे लौटकर उन सुनहरे पलों को पुनः जीने का अवसर दे दिया हो। प्राथमिक विद्यालय मोहरा में पदस्थ शिक्षक हरीश कुमार वर्मा ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षक जीवन की साझा स्मृतियों, संघर्षों और सफलताओं का भावनात्मक उत्सव है। वहीं संकुल समन्वयक मारकंडेय कैवर्त ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों के आपसी संबंधों को सुदृढ़ करते हैं तथा नई पीढ़ी के लिए समर्पण, सहयोग और सेवा-भाव की प्रेरणा बनते हैं। कार्यक्रम में जिन पूर्व शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही, उनमें जितेंद्र कुमार पटेल, श्रीमती यामीन वर्मा, रुखमणी कुर्रे, अन्नपूर्णा ध्रुव, शीला भारद्वाज, गणपत साहू, टेकराम वर्मा, ऊपेश वर्मा, विजय ध्रुव, टिकेश्वर वर्मा, जगदीश वस्त्रकार एवं धर्मेंद्र दुबे प्रमुख रूप से शामिल रहे। साथ ही कार्यक्रम को सफल बनाने में ए.पी.सी. जहीर अब्बास, ग्रामवासी राजेश कुमार वर्मा, कार्तिक राम वर्मा, शिव कटारिया, बुद्धेश्वर प्रसाद वर्मा सहित अन्य ग्रामवासियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम का समापन सभी पूर्व शिक्षकों के सम्मान, स्मृति-चिह्न भेंट करने तथा आत्मीय सामूहिक संवाद के साथ भावनात्मक वातावरण में संपन्न हुआ।



















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