वैज्ञानिक पद्धति से मछली पालन कर आत्मनिर्भर बने युवा किसान विनय चंद्रवंशी
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिली नई पहचान
कवर्धा 21 जनवरी 2026। जब सही योजना, वैज्ञानिक सोच और मेहनत एक साथ मिलती है, तो सफलता तय होती है। ऐसा ही उदाहरण हैं कवर्धा विकासखंड के ग्राम भानपुर निवासी युवा किसान श्री विनय चंद्रवंशी, जिन्होंने परंपरागत के साथ वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का लाभ लेकर श्री विनय चंद्रवंशी ने मत्स्य पालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। आज वे इस कार्य से लाखों रुपये की आमदनी कर रहे हैं और क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं।
स्नातक शिक्षित श्री विनय चंद्रवंशी ने अपनी ही भूमि पर मछली तालाब निर्माण के लिए योजना के अंतर्गत आवेदन किया। सभी आवश्यक जांच और प्रक्रियाओं के बाद उनका चयन किया गया। इस परियोजना में कुल 7 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें से 2.80 लाख रुपये का अनुदान उन्हें डीबीटी के माध्यम से प्राप्त हुआ। तालाब निर्माण के बाद मत्स्य पालन विभाग, कबीरधाम द्वारा उन्हें वैज्ञानिक मछली पालन का प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और नियमित निगरानी दी गई। पहले वर्ष विभाग द्वारा मछली बीज के साथ 3,000 रुपये मूल्य का मछली आहार भी उपलब्ध कराया गया, जिससे उत्पादन की अच्छी शुरुआत हुई।
शासन के सहयोग और अपनी लगातार मेहनत के कारण श्री विनय चंद्रवंशी ने वर्ष 2023-24 में पंगेसियस मछली पालन से उन्हें लगभग 4.60 लाख रुपये की आय हुई। अब तक वे लगभग 42 टन मछली का उत्पादन कर चुके हैं। आज श्री विनय चंद्रवंशी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का अच्छे से भरण-पोषण कर रहे हैं। उनकी यह सफलता आसपास के ग्रामीणों और युवाओं को मत्स्य पालन जैसे व्यवसाय की ओर प्रेरित कर रही है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र का समग्र विकास, रोजगार सृजन और मछुआरों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत तालाब निर्माण, मछली बीज, आहार, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका के अवसर तैयार हो रहे हैं।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट



















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.