कबीरधाम जिले के एक गांव को बनाया जाएगा मॉडल सोलर विलेज
मॉडल सोलर विलेज के लिए एमएनआरई मापदंडों पर एक गांव का होगा चयन
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने मॉडल सोलर विलेज के संबंध में अधिकारियों की ली बैठक
कलेक्टर ने योजना के मापदंडों एवं क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की
कवर्धा, 3 जनवरी 2026। भारत सरकार की पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत कबीरधाम जिले के एक गांव को “मॉडल सोलर विलेज” के रूप में विकसित किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के मापदंडों एवं क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एम.एन.आर.ई.) द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुरूप जिले के चयनित 10 गांवों में प्रभावी ढंग से कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इन 10 गांवों के मध्य निर्धारित अवधि में प्रतिस्पर्धा आयोजित कर मॉडल सोलर विलेज के लिए एक गांव का चयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना, बिजली पर निर्भरता को मजबूत करना तथा गांवों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। मॉडल सोलर विलेज के माध्यम से स्वच्छ, सतत एवं पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा के उपयोग को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा।
बैठक में क्रेडा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एम.एन.आर.ई. भारत सरकार द्वारा गैर-परंपरागत ऊर्जा, विशेषकर सौर ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक जिले में एक मॉडल सोलर विलेज विकसित किए जाने का प्रावधान किया गया है, जिसके लिए लगभग 1 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित है। योजना के अंतर्गत गठित समिति द्वारा राजस्व ग्रामों का चयन प्रतिस्पर्धा के लिए किया जाएगा। चयनित ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम स्तर पर आदर्श ग्राम समिति का गठन किया जाएगा, जिसमें सरपंच, सचिव, पंच, शिक्षक, डॉक्टर, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सहित ग्राम से जुड़े शासकीय संस्थानों के प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया जा सकेगा।
डी.एल.सी. एवं ग्राम समिति द्वारा डोर-टू-डोर संपर्क कर केंद्र एवं राज्य शासन की नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं जैसे पीएम सूर्यघर योजना, पीएम कुसुम, सौर सुजला योजना, जल जीवन मिशन आदि के अंतर्गत सौर संयंत्रों की स्थापना के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा। साथ ही सार्वजनिक स्थलों जैसे पेयजल व्यवस्था, पथ प्रकाश आदि के लिए सौर संयंत्र स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। उक्त प्रक्रिया के अंतर्गत अधिकतम 6 माह की प्रतिस्पर्धा कराई जाएगी। प्रतिस्पर्धा उपरांत डी.एल.सी. द्वारा उस ग्राम का मूल्यांकन किया जाएगा, जहां सर्वाधिक संख्या में सौर संयंत्र स्थापित किए गए होंगे। चयनित ग्राम को सौर आदर्श ग्राम घोषित कर उसका विस्तृत डी.पी.आर. तैयार किया जाएगा, जिसे डी.एल.सी. के अनुमोदन उपरांत एम.एन.आर.ई. भारत सरकार को प्रेषित किया जाएगा। मॉडल सोलर विलेज का उद्देश्य चयनित ग्राम को 24×7 सौर आधारित ग्राम के रूप में विकसित करना है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सतत विकास को बढ़ावा मिल सके। इस दौरान क्रेडा विभाग के सब इंजीनियर श्री धर्मेन्द्र लहरें, विद्युत विभाग, कृषि, बैंक और सांख्यिकी विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















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