प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जगरौतिन और रूपौतिन बाई की जिंदगी
पक्का आवास बना सम्मान और सुरक्षा का प्रतीक
कवर्धा 3 जनवरी 2026। अन्धकार कितना भी गहरा क्यों न हो, आशा की एक किरण उसे मिटा देती है। इसी कहावत को चरितार्थ किया है बोड़ला विकासखंड के ग्राम पंचायत-खैरबनाकला की 70 वर्षीय जगरौतिन बाई और रूपौतिन बाई ने, जिनके जीवन में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने नई रोशनी भर दी है।
जगरौतिन बाई अपनी आपबीती बताते हुए कहती है कि पति के निधन के पश्चात बेटे, बहु और दो नातिन-पोतो के साथ टूटी-फूटी झोपड़ी में रहकर जीवन संघर्ष बन गया था। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करती थी। उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, ऐसी हालात में पक्का आवास बनाना संभव नहीं था। जगरौतिन बाई बताती है कि हमारे जीवन में कभी खुशी आएगी ये नहीं सोचा था, लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 की वार्षिक चयन सूची में पात्र सूची में उनका नाम आया और जिला प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुये उन्हे आवास की स्वीकृति प्रदान की और आवास निर्माण की अनुदान राशि 1.20 लाख रूपये निर्माण कार्य प्रगति के आधार पर उनके बैंक खाता में तीन किश्तों में आती गई, जिससें जगरौतिन बाई का खुशियों का आशियाना बनकर तैयार हो गया। जगरौतिन बाई बताती है कि जब उन्हे आवास स्वीकृत हुआ, तो उन्हे और उनके परिवार को ऐसे लगा जैसे जीवन में नई उम्मीद मिल गई। वे इसे बुढ़ापे का सबसे बड़ा सहारा बता रही है।
*जगरौतिन बाई को भी मिला आवास, बदले हालात*
इसी क्रम में ग्राम पंचायत-खैरबनाकला के रूपौतिन बाई को भी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का आवास स्वीकृत हुआ है। पति के मृत्यु के उपरांत अपने दो बेटों की परवरिश की और 1 एकड़ जमीन में खेती एवं मजदूरी कर अपने परिवार को संभाला। आज उनके दोनों बेटे विवाहित है और घर में नातिन-पोते के कदमों की खुशियां है। रूपौतिन बाई बताती है कि छत्तीसगढ़ सरकार की पहल से अब उनके पास भी पक्का घर होगा। यह सिर्फ पक्का आवास नहीं, बल्कि हमारे परिवार की सुरक्षा और सम्मान है।
जगरौतिन बाई और रूपौतिन बाई इन दोनों को प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से पक्का आवास के साथ-साथ केन्द्र एवं राज्य की अन्य योजना जैसे स्वच्छ भारत मिशन से शौचालय, प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से गैस चूल्हा, नल-जल योजना से पीने का शुद्ध पानी, पंडित दीनदयाल ग्रामीण सौभाग्य योजना से बिजली, मनरेगा से अपने ही आवास में काम करने से 90 मानव दिवस की मजदूरी भुगतान, आयुष्मान कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड एवं महतारी वंदन आदि अन्य प्रकार की योजना से लाभ मिलने से गांव में मान प्रतिष्ठा बढ़ी है।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.