ब्रेकिंग बचेली दंतेवाड़ा
दिनांक: 23/02/2026
स्थान: दंतेवाड़ा (बचेली)
संवाददाता: असीम पाल ब्यूरो
दंतेवाड़ा
बच्चों के खेल मैदान पर हेलिपैड निर्माण, ग्रामसभा की अनुमति बिना काम शुरू ग्रामीणों ने रुकवाया कार्य
दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित ग्रामीण हाई स्कूल का एकमात्र खेल मैदान इन दिनों बड़े विवाद का केंद्र बन गया है।
मैदान के बीचों-बीच लगभग एक से डेढ़ फीट तक खुदाई कर कंक्रीट डाला जा रहा था, जिसे स्थायी हेलिपैड के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यह वही मैदान है जहाँ आसपास के गांवों के गरीब और आदिवासी छात्र नियमित रूप से खेलकूद गतिविधियों में भाग लेते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में हेलीकॉप्टर सामान्य मिट्टी के मैदान में उतरते रहे हैं, ऐसे में स्थायी कंक्रीट हेलिपैड बनाने की आवश्यकता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का यह भी तर्क है कि क्षेत्र में NMDC Limited के अधीन अन्य बड़े मैदान उपलब्ध हैं, फिर बच्चों के एकमात्र खेल मैदान को ही क्यों चुना गया? लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि कहीं यह निर्णय बड़े उद्योगों या विशेष व्यवस्थाओं की सुविधा के लिए तो नहीं लिया गया।
ग्रामसभा की अनुमति बिना कार्य शुरू होने पर आक्रोश
मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब आज सरपंच गोविंद कुंजाम, उपसरपंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने गांव में बैठक आयोजित की। बैठक में सर्वसम्मति से इस निर्माण कार्य को पंचायत विरोधी बताते हुए कहा गया कि बिना ग्रामसभा की अनुमति इतना बड़ा निर्णय लेना अनुचित है।
बैठक के बाद ग्रामीण महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा बड़ी संख्या में मैदान पहुंचे और कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन के विरुद्ध नाराजगी जताते हुए एसडीएम एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर मामले की जानकारी देने और उचित समाधान की मांग करने की बात कही।
बच्चों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा
अभिभावकों का कहना है कि यह मैदान केवल खेल का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास का केंद्र है। यदि मैदान का बड़ा हिस्सा स्थायी रूप से कंक्रीट में तब्दील कर दिया गया, तो विद्यार्थियों की खेल गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित होंगी।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे प्रशासन से बातचीत कर समाधान चाहते हैं, लेकिन बच्चों के अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे।
अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है कि वह इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या निर्णय लेता है।





















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.