बजट सत्र का चौथा दिन: बिलाईगढ़ में साइंस पार्क, डिजिटल सुविधा और कौशल विकास पर सरकार घिरी
बिलाईगढ़।
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र की विधायक श्रीमती कविता प्राण लहरे ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल कनेक्टिविटी और कौशल विकास जैसे अहम मुद्दों को सदन में जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। उनके सवालों से यह स्पष्ट हुआ कि बिलाईगढ़ क्षेत्र में न तो साइंस पार्क की कोई ठोस योजना है, न डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार का प्रस्ताव और न ही कौशल विकास केंद्रों की व्यवस्था।
साइंस पार्क पर ‘कोई प्रस्ताव नहीं’
प्रश्न क्रमांक 541 के माध्यम से विधायक लहरे ने पूछा कि क्या बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र के शासकीय स्कूलों या महाविद्यालयों में मिनी साइंस सेंटर अथवा “साइंस पार्क” स्थापित करने का कोई प्रस्ताव है। साथ ही बिलाईगढ़ और सरसींवा क्षेत्र के लिए बनाई गई योजनाओं की जानकारी भी मांगी।
सरकार की ओर से उप मुख्यमंत्री (गृह) श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में विज्ञान लोकप्रियकरण की विभिन्न योजनाएं संचालित हैं, जिनमें लघु शोध परियोजना, संगोष्ठी, विज्ञान मेला, मोबाइल साइंस लैब, प्लैनेटेरियम, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस एवं सामुदायिक विज्ञान क्लब जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
हालांकि, जब विशेष रूप से बिलाईगढ़ क्षेत्र में साइंस पार्क स्थापना की बात आई, तो जवाब स्पष्ट था—“कोई प्रस्ताव नहीं है।” इस उत्तर ने क्षेत्रीय उपेक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए।
सोनाखान में डिजिटल कनेक्टिविटी का अभाव
विधायक लहरे ने सोनाखान जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी की कमी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे क्षेत्रों में सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र खोलने की कोई योजना है, ताकि छात्र तकनीकी शिक्षा से वंचित न रहें।
विभाग की ओर से इस संबंध में उत्तर दिया गया—“जानकारी निरंक है।” इससे यह स्पष्ट हुआ कि दूरस्थ अंचलों में डिजिटल ढांचे के विस्तार को लेकर फिलहाल कोई ठोस पहल प्रस्तावित नहीं है।
कौशल विकास केंद्रों की स्थिति शून्य
इसी क्रम में विधायक लहरे ने बिलाईगढ़ क्षेत्र में कौशल विकास केंद्रों की संख्या, पिछले दो वर्षों में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं और उनके प्लेसमेंट के आंकड़े मांगे। मंत्री के जवाब से खुलासा हुआ कि क्षेत्र में वर्तमान में एक भी सरकारी या निजी कौशल विकास केंद्र संचालित नहीं है।
उन्होंने दूरस्थ गांवों में प्रशिक्षण केंद्र खोलने और मोबाइल ट्रेनिंग यूनिट संचालित करने की संभावनाओं पर भी प्रश्न उठाया। जवाब में केवल आईटीआई भटगांव को प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में पंजीकृत करने की प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई, लेकिन वर्तमान में युवाओं के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने की बात स्वीकार की गई।
सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कोई राशि आवंटित नहीं की गई।
युवाओं के भविष्य का सवाल
विधायक कविता प्राण लहरे ने सदन में कहा कि विज्ञान, डिजिटल साक्षरता और कौशल विकास आज के समय की अनिवार्य जरूरत हैं। यदि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को साइंस पार्क, डिजिटल लैब, मजबूत इंटरनेट सुविधा और प्रशिक्षण केंद्र नहीं मिलेंगे, तो वे प्रतिस्पर्धा की दौड़ में पिछड़ जाएंगे।
उन्होंने सरकार से मांग की कि बिलाईगढ़ और सोनाखान क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए साइंस पार्क, मिनी साइंस सेंटर, सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना के लिए शीघ्र ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए तथा पर्याप्त बजट आवंटित किया जाए।
बजट सत्र के चौथे दिन उठे इन सवालों ने स्पष्ट कर दिया कि क्षेत्रीय विकास और डिजिटल समानता के मोर्चे पर अभी कई चुनौतियां बाकी हैं। अब नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार इन मुद्दों पर जमीनी स्तर पर क्या ठोस कदम उठाती है।


















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