न्यायपूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर बिलाईगढ़ में संवैधानिक एवं अहिंसक आंदोलन
बिलाईगढ़।
अपर सोनिया जलाशय परियोजना से प्रभावित किसानों को न्यायपूर्ण मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को इंदिरा मार्केट, बिलाईगढ़ में अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। आंदोलन को “संवैधानिक एवं अहिंसक आंदोलन” का स्वरूप दिया गया, जिसमें प्रभावित किसानों के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
धरना-प्रदर्शन भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के बैनर तले आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने परियोजना से प्रभावित कृषक रमेशर उर्फ रामेश्वर के पक्ष में न्याय की मांग उठाई। आंदोलन का मुख्य नारा रहा— “भूमि गई… पर मुआवजा आज तक नहीं”, जिसके माध्यम से लंबित मुआवजा भुगतान के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम मलुहा निवासी किसान श्री रमेशर उर्फ रामेश्वर (पिता श्री चंदन सिंह) की भूमि खसरा नंबर 1/6, कुल रकबा 1.800 हेक्टेयर में से 0.983 हेक्टेयर भूमि परियोजना अंतर्गत अधिग्रहित की गई है। आरोप है कि अधिग्रहण के बाद भी संबंधित किसान को अब तक निर्धारित मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। इस संबंध में 05 फरवरी 2026 को लिखित आवेदन प्रस्तुत किया गया था, किंतु अब तक कोई अंतिम आदेश या ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मुआवजा भुगतान में हो रही देरी से प्रभावित किसान एवं उनका परिवार आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है। प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने हेतु प्रदेश सचिव भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़, मनीष चेलक द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), बिलाईगढ़ को ज्ञापन सौंपकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की अनुमति मांगी गई थी।
धरना 18 फरवरी 2026 को प्रातः 11:00 बजे से सायं 4:00 बजे तक इंदिरा मार्केट में आयोजित किया गया, जिसमें लगभग 100 लोगों की सहभागिता का अनुमान जताया गया। आयोजकों ने आश्वस्त किया कि कार्यक्रम पूर्णतः शांतिपूर्ण रहा तथा किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था भंग, यातायात अवरोध या शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न नहीं होने दी गई।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और प्रभावित किसान को लंबित मुआवजा कब तक प्रदान किया जाता है।



















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