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Monday, February 23, 2026

चारभाठा में नवीन बैंक शाखा की मांग को लेकर फूटा आक्रोश: नेशनल हाईवे पर घंटों तक रहा चक्काजाम

 चारभाठा में नवीन बैंक शाखा की मांग को लेकर फूटा आक्रोश: नेशनल हाईवे पर घंटों तक रहा चक्काजाम



छुरिया -पिछले दो दशकों से की जा रही उपेक्षा और शासन-प्रशासन के झूठे आश्वासनों से तंग आकर आज ग्राम चारभाठा  सहित आसपास के दर्जन भर गांवों के ग्रामीणों ने चक्काजाम किया जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की नवीन शाखा खोलने की मांग को लेकर क्षेत्रवासियों ने नेशनल हाईवे पर चिरचारी के पास चक्काजाम कर दिया, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।




20 साल का इंतजार और किसानों का दर्द

आंदोलनकारियों का कहना है कि ग्राम चारभाठा में बैंक शाखा खोलने की मांग पिछले 15 से 20 वर्षों से लंबित है। वर्तमान में क्षेत्र के हजारों किसानों और बुजुर्गों को अपने ही पैसे निकालने या खाद-बीज के काम के लिए 15-20 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।पिछले कई सालों से यह मांग उपेक्षित है जब अभिषेक सिंह जी संसद थे तब उन्होंने बैंक खुलवाने का दिलासा क्षेत्रवासियों को दिया था पर यह मांग अभी तक लंबित है । कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन  चारभाठा की  फाइल धूल फांक रही है।


ग्रामीणों का कहना है कि  अब हम आश्वासन नहीं, आदेश की प्रति चाहते हैं। 


सुबह 11 बजे से ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, किसान और युवा नेशनल हाईवे पर जुटना शुरू हो गए थे। देखते ही देखते जनसैलाब उमड़ पड़ा और प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी।

जाम का असर: चक्काजाम के कारण यात्री बसें, मालवाहक ट्रक और निजी वाहन घंटों फंसे रहे। 

 सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।

 ग्रामीणों ने 'हमारी मांगें पूरी हो, चाहे जो मजबूरी हो' जैसे नारे लगाए। 


अधिकारियों ने दिया आश्वासन

भारी हंगामे और जाम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन के आला अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की।  उनकी मांग को जायज करार देते हुए 2 महीने के अंदर में बैंक की स्थापना करने का आश्वासन दिया । 

क्यों जरूरी है चारभाठा में बैंक?

किसानों को लेन देन के लिए 30किमी दूर जाना पड़ता है तथा बैंक में भीड़ के कारण कई बार किसानों का कम अटक जाता है। 


किसानों की सुगमता: आसपास के लगभग 15 गांवों का केंद्र होने के कारण यहाँ बैंक खुलने से किसानों को सीधा लाभ होगा।

बुजुर्गों को राहत: पेंशन और सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए वृद्धों को दूर नहीं भटकना पड़ेगा।

आर्थिक विकास: स्थानीय स्तर पर बैंकिंग सुविधाएं होने से व्यापार और लेन-देन में तेजी आएगी।


सीएन आई न्यूज के लिए विजय निषाद की रिपोर्ट

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