आदिवासी ध्रुव गोंड समाज परिक्षेत्र झिरिया (कामता) का वार्षिक अधिवेशन धूमधाम से संपन्न
कलश यात्रा, बुढ़ा देव पूजा, आदर्श विवाह और लोकनृत्यों ने बांधा समां
बलौदाबाजार जिले के सिमगा ब्लॉक अंतर्गत स्थित पवित्र धार्मिक स्थल चितावर धाम में आदिवासी ध्रुव गोंड समाज, परिक्षेत्र झिरिया (कामता) का वार्षिक अधिवेशन इस वर्ष भी पारंपरिक उत्साह, श्रद्धा और सामाजिक एकजुटता के साथ संपन्न हुआ। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला यह अधिवेशन समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने का प्रमुख मंच माना जाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। इसके पश्चात भगवान बुढ़ा देव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं आरती की गई। पूजा-अनुष्ठान के दौरान समाज की सुख-समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की गई।
अधिवेशन के अंतर्गत आदर्श विवाह कार्यक्रम का विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर दो जोड़ों का विवाह आदिवासी रीति-रिवाजों और पारंपरिक विधानों के अनुसार संपन्न कराया गया। समाज के वरिष्ठजनों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उन्हें सुखमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। समाज द्वारा सामूहिक विवाह को बढ़ावा देने की इस पहल को सामाजिक एकता और अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि यह परंपरा प्राचीन काल से, धमधा राजाओं के समय से चली आ रही है और आज भी उसी आस्था एवं गरिमा के साथ निभाई जा रही है। अधिवेशन में समाज की परंपराओं, रीति-नीतियों और सामाजिक विषयों पर भी चर्चा की गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने अधिवेशन में विशेष आकर्षण जोड़ा। सुआ नृत्य, कर्मा नृत्य एवं पारंपरिक लोकगीतों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से कार्यक्रम स्थल को उत्सवमय बना दिया। देर शाम तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में समाज के युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुआ। अधिवेशन में प्रदेश सहसचिव कृष्णा कुंजाम, परिक्षेत्र अध्यक्ष शंकर लाल मरई, सचिव खेमराज सोरी, सहसचिव चंदूलाल ध्रुव, प्रेम ध्रुव, कोषाध्यक्ष पवन कुमार ध्रुव, दीवान छेदुराम ध्रुव, मंत्री बिसम्भंर ध्रुव, डी.एस. नेताम, डोमार ध्रुव, मनीराम ध्रुव, सेवक ध्रुव, रामकुमार ध्रुव, मानसिंह नेताम सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक, पत्रकारगण, पुलिस बल एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
अधिवेशन के समापन अवसर पर समाज के नेताओं ने एकजुटता बनाए रखने, नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने तथा सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का आह्वान किया। इस आयोजन ने समाज की संगठित शक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और पारंपरिक मूल्यों को पुनः सशक्त करने का संदेश दिया।
CNI NEWS सिमगा से ओंकार साहू की रिपोर्ट


















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