नवरात्रि विशेष
द्वितीय दिवस
माँ ब्रह्मचारिणी
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां भगवती ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की जाती है। ब्रम्हांड को जन्म देने के कारण ही देवी का दूसरा स्वरूप ब्रह्मचारिणी कहलाया ।
मां का ये रूप बेहद ही शांत, सौम्य और मोहक है। मां के इस रूप को पूजने से व्यक्ति को तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार व संयम जैसे गुणों की प्राप्ति होती है जो उसको जीवन में आगे ले जाने में मदद करते हैं।
ब्रह्मचारिणी का मतलब ही है तप की चारिणी अर्थात तप का आचरण करने वाली इसलिए जो लोग इनकी पूजा करते हैं उन्हें साधक होने का फल मिलता है।
ब्रहमचारिणी मां स्वेत वस्त्र पहने दाएं हाथ में अष्टदल की माला और बांए हाथ में कमण्डल लिए हुए सुशोभित है। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार यह हिमालय की पुत्री थीं तथा नादर के उपदेश के बाद यह भगवान को पति के रूप में पाने के लिए इन्होंने कठोर तप किया। जिस कारण इनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा।



















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