“सच उजागर होने से बौखलाए CMO! झूठी खबरों के सहारे बदले की राजनीति?”
बिलाईगढ़। नगर पंचायत बिलाईगढ़ में इन दिनों प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लगातार सामने आ रहे भ्रष्टाचार के आरोपों और जन शिकायतों से घिरे मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) सुशील चौधरी अब खुद बचाव की बजाय “ध्यान भटकाने की रणनीति” अपनाते नजर आ रहे हैं।
हाल ही में एक समाचार पत्र में प्रकाशित “सरकारी जमीन और नाले पर कब्जा” संबंधी खबर को लेकर स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों का कहना है कि यह खबर तथ्यों से परे और एकतरफा है, जिसे बदले की भावना से प्रकाशित करवाया गया है।
सूत्रों के अनुसार, नगर पंचायत में व्याप्त कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार उच्च स्तर तक पहुंच रही हैं। इन शिकायतों के सार्वजनिक होने और अखबारों में उजागर होने के बाद CMO सुशील चौधरी पर दबाव बढ़ा है। ऐसे में अब ध्यान भटकाने और छवि सुधारने के लिए “प्रायोजित खबरों” का सहारा लिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस भूमि और नाले पर कब्जे की बात कही जा रही है, वह मामला पुराना है और प्रशासन को इसकी पूरी जानकारी पहले से है। यदि वास्तव में अवैध कब्जा था, तो अब तक कोई ठोस कार्यवाही क्यों नहीं की गई? यह सवाल भी प्रशासन की कार्यशैली पर संदेह पैदा करता है।
वहीं जानकारों का मानना है कि बिना निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों की बात सामने लाए इस तरह की खबर प्रकाशित करना पत्रकारिता की साख पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।
नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और वार्डवासियों ने मांग की है कि:
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
झूठी और भ्रामक खबर प्रकाशित कराने वालों पर कार्यवाही हो
नगर पंचायत में हो रहे कथित भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
अंत में, यह साफ नजर आता है कि सच्चाई को दबाने और विरोध करने वालों को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में पारदर्शिता दिखाता है या फिर ऐसे ही विवादों में उलझा रहता है।


















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