Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Saturday, April 25, 2026

प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला मोर्चा अध्यक्ष संतोष सिंह सिसोदिया का विपक्ष पर हमला

 प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला मोर्चा अध्यक्ष संतोष सिंह सिसोदिया का विपक्ष पर हमला



संवाददाता प्रद्युम्न कुमार शुक्ला रीवा


मऊगंज। महिला मोर्चा की अध्यक्ष संतोष सिंह सिसोदिया ने आज आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोकसभा में प्रस्तुत 131वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर तीखा निशाना साधा उन्होंने कहा कि यह विधेयक महिलाओं के सशक्तिकरण से जुड़ा एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन विपक्ष ने इसे समर्थन देने के बजाय राजनीतिक लाभ के लिए विरोध का रास्ता चुना। 




सिसोदिया ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसका गठबंधन खुद को महिला हितैषी बताता है, लेकिन जब वास्तविक निर्णय लेने का समय आता है, तो उनका रवैया महिला विरोधी नजर आता है ,उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह केवल मीडिया में सुर्खियां बटोरने का माध्यम है। “जहां वास्तव में महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, वहां कांग्रेस का असली चेहरा सामने आ जाता है,सिसोदिया ने यह भी कहा कि विधेयक का पारित न हो पाना दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे स्पष्ट होता है कि विपक्ष महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर गंभीर नहीं है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक व्यवहार को समझें और महिलाओं के वास्तविक विकास के लिए प्रतिबद्ध नेतृत्व का समर्थन करें।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की नीतियों को महिला हित में बताया और भरोसा जताया कि भविष्य में ऐसे विधेयकों को पारित कर महिलाओं को और अधिक अधिकार दिए जाएंगे।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad